पानीपत। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का बिल्डर उल्लंघन कर रहे हैं। अब बोर्ड की टीम ने अंसल सुशांत सिटी का जायजा लिया तो यहां का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिला। कंपनी ने कंसेंट टू ऑपरेट का प्रमाणपत्र भी रिन्यू नहीं कराया। कंसेंट टू इस्टैबलिश का प्रमाणपत्र भी नहीं मिला। बोर्ड ने एक वकील की शिकायत पर एक अगस्त को सोसायटी का जायजा लिया था। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोसायटी को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। अब इस खुलासे के बाद ये सवाल उठ रहा है कि अंसल सोसाइटी से निकलने वाला 10600 केएलडी सॉलिड वेस्ट कहां जा रहा है। इतने पानी को कहां छोड़ा जा रहा है जबकि अंसल का एसटीपी बंद पड़ा है।
मामले के जानकारों का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने एचएसवीपी के अधिकारियों से सांठगांठ कर विभाग की सीवरेज लाइन में कनेक्शन जोड़ा है जबकि ये नियमों का उल्लंघन है। ये गैर कानूनी है। ऐसे में विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि अधिकारियों का कहना है कि अंसल ने अपना पानी कहां छोड़ा है उन्हें नहीं पता। उन्होंने कंपनी का पहले ही कनेक्शन काट दिया था। अब दोबारा जांच कर कार्रवाई करेंगे। वकील जोगेंद्र पाल राठी ने बोर्ड को दी शिकायत में कहा कि अंसल सोसायटी के पास सीटीई, ईसीसी, एसटीपी और ऑक्यूपेंसी कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं है। सोसायटी ने ग्रीन बेल्ट को विकसित करने की बोर्ड को जानकारी नहीं दी है। सोसायटी बोर्ड के नियमों के विरुद्ध चल रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी शिकायत पर रिजनल ऑफिसर कमलजीत ने अपनी टीम को यहां निरीक्षण के लिए भेजा था। टीम ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट आरओ को सौंपी । अब आरओ ने अंसल सुशांत सिटी को नोटिस जारी किया है।
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25 केएलडी का एसटीपी बंद
सोसायटी के एसटीपी की क्षमता मात्र 25 किलो लीटर प्रतिदिन है, जबकि यहां से रोजाना 10600 केएलडी सॉलिड वेस्ट हो रहा है। 25 केएलडी का एसटीपी है। वह जांच के दौरान वर्किंग में नहीं मिला।
हम कनेक्शन काट चुके हैं- एक्सईएन
हमने पुलिस को साथ लेकर कंपनी का कनेक्शन काट दिया था। कंपनी ने अवैध रूप से उनकी सीवरेज लाइन में अपनी लाइन जोड़ दी थी। अब उन्होंने पानी कहां छोड़ा है पता नहीं है। वो अपनी लाइन की दोबारा जांच करेंगे। अगर उनकी लाइन में कनेक्शन जोड़ा पाया गया तो कार्रवाई निश्चित है।
जगमाल सिंह, एक्सईएन एचएसवीपी