पानीपत। हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन के बैनर तले तीन सेक्टरों की आरडब्ल्यूए चार मंजिला इमारत की मंजूरी के विरोध में उतर आई हैं। सेक्टरों की आरडब्ल्यूए ने इस योजना को सरकार और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की मनमर्जी बताया है। उन्होंने प्राधिकरण पर सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी उनको सुविधाएं नहीं दी जा ही है। इस संबंध में एक बैठक सेक्टर-7 में जिला संयोजक बलजीत सिंह की देखरेख में की गई। इसकी अध्यक्षता एसके त्यागी ने की। बैठक में सेक्टर छह, सात और आठ की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी शामिल हुए।
बलजीत सिंह ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से पुराने सेक्टरों में बिल्डरों को चार मंजिला इमारत बनाने की मंजूरी दे दी है। ऐसा कर हुडा निवासियों के हित को दरकिनार कर रहन सहन की व्यवस्था को बिगाड़ा जा रहा है। वे इसका कई बार विरोध कर चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। एसके त्यागी ने कहा कि सेक्टरों में समस्याओं का अंंबार लगा हुआ है। इन समस्याओं के समाधान की मांग अधिकारियों से की गई लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई।
उन्हाेंने कहा कि इनहांसमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली की गई है। 250 वर्ग गज के प्लाॅट या मकान पर करीब तीन लाख रुपये वसूला गया है। इसमें 40 प्रतिशत स्थानीय निवासियो और 40 प्रतिशत सेटलमेंट स्कीम में करीब 2.30 लाख रुपये प्रति मकान व प्लॉट से वसूल की गई। बाकी 20 प्रतिशत ने इनहांसमेंट रिकेल्कुलेशन के बाद भरी गई। उन्होंने इसकी जांच की मांग उठाई है। प्राधिकरण के सेक्टरों में पेयजल सप्लाई के रेट नगर-निगम में से चार गुना अधिक है।
सेक्टर में माडल स्कूल या प्राइवेट स्कूल में नियमानुसार बच्चों की आधी फीस लगनी है और उनका प्रवेश भी जरूरी है। इन सबके बीच नियमों कि अनदेखी कर स्कूल पूरी फीस वसूल रहे है। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को एचएसवीपी के कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। जिसमें प्रदेश संयोजक यशवीर मलिक शामिल होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राधिकारी अधिकारी या सरकार उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान नहीं करती है तो 15 अगस्त के बाद पूरे प्रदेश के हुडा निवासियों कि एक बड़ी रैली की जाएगी। जिसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
वहीं धर्मेंद्र अहलावत और रामपत नैन ने कहा कि सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। सीवर जाम रहने से गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इसके अलावा कई बार घरों में दूषित पानी की आपूर्ति से दिनचर्या भी प्रभावित हो जाती है। उन्हाेंने प्राधिकरण व नगर निगम के सभी वर्क-ऑर्डर की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि कई सेक्टरो में एसटीपी भी नहीं लगे हैं। इसके अलावा सेक्टर 6, 7, 8, 18, 24 व 40 में करीब दस महीने से झाडू तक नहीं लगी है। इस मौके पर मास्टर रणधीर सिंह, रामपत नैन, मोहब्बत सिंह, धर्मेंद्र अहलावत, एसके त्यागी, महाबीर सिंह, जयपाल रोहिल्ला, रणधीर मलिक, हरिराम नंबरदार, गौरीदत, लिछमी देवी व परमेशवरी मौजूद रहे।