पानीपत। इसराना खंड के अहर गांव में बोगस वोटिंग के आरोप लगे हैं। ग्रामीण और सरपंच पद के दो प्रत्याशियों का आरोप है कि प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार ने उनके भी वोट पोल कराए, जो गांव में रहते ही नहीं। गांव के 500 से भी ज्यादा लोग विदेशों में सेटल हैं। कुछ लोगों की मृत्यु भी हो चुक है। इन सभी के नाम के वोट डाले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान गांव के सभी वार्डों से करीब 100 से ज्यादा इसी प्रकार के वोट पोल किए गए हैं। इस प्रकरण में मौके पर मौजूद पोलिंग पार्टियों से लेकर प्रीजाइडिंग अफसर तक शामिल हैं। इस बोगस वोटिंग के उनके पास पुख्ता सबूत हैं।
इसे लेकर दावेदार इन प्रत्याशियों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत मतदान के दौरान ही शिकायत संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। रात को वोटिंग खत्म और चुनाव संपन्न होने के बाद भी उन्होंने इसकी शिकायत दी, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद गांव के करीब दो सौ लोग एसडी स्कूल में बनाए गए कंट्रोल रूम और चुनाव सामग्री वितरण केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
उन्होंने यहां भी अधिकारियों को शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि अब उनका मामला कोर्ट में ही सुलझ सकता है। अधिकारियों ने तर्क दिया कि अगर बोगस वोटिंग हो रही थी तो पोलिंग स्टेशन के अंदर इन प्रत्याशियों के एजेंट भी बैठे थे। उन्होंने इसके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई। अगर अधिकारियों से शिकायत थी तो इसकी शिकायत संबंधित रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी को दी जानी चाहिए थी।
सरपंच पद के दावेदार जयभगवान और राकेश समेत गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव में करीब 5200 वोट हैं। उनके गांव से सरपंच पद के लिए नौ प्रत्याशी थे, लेकिन चुनाव का मुकाबला तीन में था। चुनाव में जयभगवान को करीब 1305 वोट मिले हैं, जबकि राकेश को करीब 1145 वोट मिली हैं। महेंद्र को 1339 वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि दिन में ही उन्होंने बोगस वोटिंग पकड़ी। एक नाबालिग को भी वोट करते पकड़ा और पुलिस को सौंपा। इसकी शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने जीतने वाले प्रत्याशी को जीत का पत्र भी दिया लेकिन उनकी वोट तक उनको नहीं बताई। अब वे इस मामले को कोर्ट लेकर जाएंगे।