पानीपत। सटोरियाें के चंगुल में फंसकर 22 करोड़ रुपये गंवा चुका अक्षय गाबा अब तक सहमा हुआ है। उसके पिता राजकुमार गाबा उसको समझा रहे हैं। उसको नए जीवन की शुरुआत करने की हिम्मत देने का प्रयास कर रहे हैं। अब तक आरोपी सटोरियाे के खिलाफ पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने अक्षय को शांति से बयान दर्ज कराने के दो दिन का वक्त दिया था। अब अक्षय सोमवार को चांदनी बाग थाना में आरोपी सटोरियों के खिलाफ शिकायत देगा।
अक्षय ने यहां रोते हुए यह भी कहा कि वह आरोपियों को 22 करोड़ रुपये दे चुका है। वह अब भी 40 लाख अलग और इसके चुकाए जाने तक एक लाख रुपये प्रतिदिन ब्याज मांगते हैं। वह उसे मार देंगे। पिता के नाम लिखे सुसाइड नोट में पीड़ित अक्षय ने बताया था कि शहर के पांच सट्टेबाजों ने उससे करीब 22 करोड़ रुपये ऐंठ लिए हैं। इसके बाद भी उस पर करोड़ों रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। उसे परेशान किया जा रहा है।
उद्यमी राजकुमार गाबा ने कहा कि करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया लेकिन शहर में ऐसे बहुत सारे बच्चे हैं जो इस दलदल में फंसे हुए हैं। डर के मारे वह पुलिस के सामने नहीं आ रहे हैं। उसका पुलिस से आग्रह है कि इन आरोपियों पर कार्रवाई कर ऐसे और भी बच्चों को बचा लें। अब वह सोमवार को चांदनीबाग थाने जाकर अक्षय के बयान दर्ज कराएंगे। वह पुलिस को सीसीटीवी से लेकर कॉल डिटेल, मैसेज और लेन-देन की पूरी जानकारी देंगे। वह सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।
अक्षय लगभग 10 माह पहले सटोरियों के संपर्क में आ गया था। उसको बताया गया कि क्रिकेट वर्ल्ड कप, आईपीएल व चुनाव पर ऑनलाइन मैच लगाकर वह करोड़ों रुपये कमा सकता है। अक्षय ने ऑनलाइन सट्टा लगाना शुरू कर दिया। वह मैच हारता रहा। उस पर कर्ज होता गया। वह इस कर्ज को उतारने के लिए और मैच खेलता रहा और दलदल में फंसता रहा। इन्हें अपनी फैक्ट्री तक बेचकर 22 करोड़ रुपये दे दिए। अब भी सट्टेबाज रोज रात को घर आकर अक्षय को उठा ले जाते थे। उसके साथ मारपीट करते थे। हर रोज उससे जुर्माने के नाम पर एक करोड़ रुपये मांगते थे। इनसे परेशान होकर अक्षय सुसाइड नोट छोड़कर 26 दिसंबर को घर से लापता हो गया था। वह चार दिन पहले वह घर लौटा था।
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चांदनी बाग थाना पुलिस प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि अक्षय की ओर से अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो जो स्पष्ट होगा उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।