पानीपत। शहर में ठप सीवरेज सिस्टम पर बढ़ रही समस्याओं और शिकायतों को निगम अभी तक दूर नहीं कर पाया है। वहीं, कई बार शहर के लोग और नेता निगम अधिकारियाें के खिलाफ प्रदर्शन तक कर चुके हैं। निगम सदन में पार्षदों का पारा न फूटे, इसके लिए निगम ने समस्याओं के समाधान न होने पर एजेंसी को जुर्माना लगाने की बात कही है। बुधवार को निगम आयुक्त की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट लिखा है कि अगर एजेंसी या ठेकेदार की ओर से सीवर की शिकायत का 24 घंटे में समाधान नहीं होता तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद 48 घंटे में भी समाधान नहीं हुआ तो ये जुर्माना दस हजार रुपये हो जाएगा। इसके बाद भी समस्या बनी रही तो जुर्माना हर 24 घंटे के हिसाब से बढ़ता ही जाएगा।
इसी के साथ एजेंसी को अपने रोजाना की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट, लेट होने का कारण संबंधित एक्सईएन और एसडीओ को बताना होगा। अगर कारण संतोषजनक नहीं मिला तो जुर्माना बढ़ाया भी जा सकता है।
शिकायत मंच और पोर्टल पर आने वाली सीवरेज सिस्टम की समस्याओं और इनके निदान के लिए उप निगम आयुक्त अरुण भार्गव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। निगम अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि सीवरेज सिस्टम की समस्याओं का समाधान न होने पर पार्षद इसे सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। अधिकारी पार्षदों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और समाधान करवाएंगे।
शहर से सीवरेज सिस्टम की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। अगर एजेंसी तय सीमा में कार्रवाई नहीं कर पाती तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। डीएमसी को इसका नोडल अफसर बनाया गया है।
- राहुल नरवाल, आयुक्त, नगर निगम।