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Panipat News: फिर आमने-सामने हुए किसानों के दो गुट, दोनों ने दी पुलिस में शिकायत

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पानीपत। किसान भवन में प्रधान पद को लेकर बापौली ब्लॉक के पक्षों में रार खत्म नहीं हो रही है। शहीद किसान नेता रूपचंद नारायण की जयंती को लेकर किसान भवन में बैठक हुई तो दोनों पक्ष एक-बार फिर आमने-सामने हो गए। विवाद तब खड़ा हुआ जब सूरजभान गुट ने कमेटी कार्यालय में पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया के आने पर आपत्ति जताई। फिर हंगामा कर उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इसके बाद सोनू मालपुरिया के समर्थन में जगमाल पक्ष के लोग भी उनके साथ ही कार्यालय से बाहर निकल कर तख्त पर बैठ गए। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ने पर सूरजभान पक्ष ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के आधार पर पीसीआर सहित एसआई बलजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सूरजभान पक्ष से बातचीत करने के बाद थाने में लिखित शिकायत देने की बात कही। दूसरी ओर सोनू मालपुरिया पक्ष ने भी हंगामे और हमले की लिखित शिकायत थाने में दी।
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दरअसल, सूरजभान और सोनू मालपुरिया में प्रधानी पद को लेकर कई माह से तनातनी बनी हुई है। सोनू मालपुरिया अपने समर्थक जगमाल रावल को प्रधान नियुक्त करना चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष सूरजभान को अपना प्रधान घोषित कर चुका था। दोनों पक्षों में तनाव को देखते हुए सीटीएम ने फिलहाल चुनाव पर रोक लगा दी है, लेकिन दोनों ओर से खींचतान जारी है।
किसान नेता सूरजभान ने बताया कि दो सितंबर को शहीद रूपचंद नारायण की जयंती मनाने को लेकर हाल ही में सोनू मालपुरिया ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। उन्होंने किसान यूनियन समिति के सभी सदस्यों से जयंती आयोजन के लिए 11 हजार रुपये प्रत्येक सदस्य से मांगे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे किसानों के साथ शहीद किसान नेता रूपचंद नारायण के परिवार से मिले थे। उनके बेटों ने परिवार में बहन व दामाद की मौत होने की बात कहकर जयंती मनाने से इंकार कर दिया था। आरोप है कि सोनू मालपुरिया जयंती मनाने की आड़ में मीडिया में चर्चा का विषय बनना चाहता है।
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यही कारण है कि इस संबंध में मंगलवार को हुई बैठक में सूरजभान गुट ने सोनू मालपुरिया का विरोध शुरू कर दिया। दिनभर दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर किसान भवन की आमदनी हड़पने का आरोप लगाते रहे। सूरजभान पक्ष ने 11 हजार रुपये किसानों से वसूलने के बजाय अपने पक्ष से 5.51 लाख रुपये दिलाने की बात कही। फिर इतने ही रुपये सोनू मालपुरिया पक्ष से भी मांगे। इस पर सोनू मालपुरिया ने भी 5.51 लाख रुपये जयंती समारोह में खर्च करने का दावा किया।
सूरजभान पक्ष ने वरिष्ठ किसान नेता राकेश टिकैत को भी इस रार में अहम भागीदार बताया। उन्होंने बताया कि किसान हितैषी कार्य करने के बावजूद भी राकेश टिकैत ने गैंगस्टर रह चुके सोनू मालपुरिया को महासचिव नियुक्त कर दिया है, जिसके कारण विवाद खड़ा हो गया।
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