पानीपत। स्नातक कक्षाओं में एक महीने से चल रही प्रक्रिया में अब तक 75 प्रतिशत सीटों पर दाखिला हुआ है। कई कॉलेजों में तो यह प्रतिशत 60 तक ही है। इसके साथ कॉलेजों पर दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रतिक्षा सूची का भी एक तरह का खतरा मंडरा रहा है। हालांंकि दिल्ली व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की मेधा सूची में पिछड़े युवा शहर के प्रमुख कॉलेजों में दाखिला ले चुके हैं, लेकिन उनके प्रतिक्षा सूची में नाम आने पर कॉलेज से नाम वापस लेने का खतरा है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय का स्नातक कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया भी लगभग बंद होने को है। अब युवाओं को स्नातक की कक्षाओं में दाखिला लेने पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस देनी होगी। इन सबके बीच कॉलेजाें के सामने सभी सीटों को भर पाना बड़ी चुनौती बन गया है।
जिले के 14 कॉलेजों में 11140 सीट हैं, जबकि दोनों बोर्ड से 12वीं कक्षा पास करने वाले करीब 16 हजार विद्यार्थी हैं। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने इस बार जून महीने में दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी थी। तीन जून को आवेदन शुरू करने के बाद निदेशालय ने मेधा सूची जारी की। पहली और दूसरी मेधा सूची और फिर ओपन काउंसिलिंग में कॉलेजों में अपेक्षाकृत माहौल नजर आया था। इसके अंतर्गत दाखिलों का बुधवार को अंतिम दिन रहा। अब तक शहर के प्रमुख कॉलेजों में औसतन 75 प्रतिशत सीटों पर दाखिला हुआ है। बाकी सीटों पर वीरवार को प्रतिदिन 100 रुपये देरी के शुल्क के साथ दाखिला होंगे।
युवाओं की दिल्ली और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ना पहली पसंद रहती है। इसके अलावा इनके अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में भी दाखिला लेने के प्रयास में रहते हैं। युवा इसके साथ शहर के प्रमुख कॉलेजों में भी आवेदन करते हैं। कई युवा एक से अधिक कॉलेजों में आवेदन करते हैं। वे मेधा सूची के आधार पर कॉलेज व कोर्स चुनने में आसानी समझते हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग, डॉक्टरी के अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में भी दाखिला ले रहे हैं। इसके अलावा काफी विद्यार्थी आगे की पढ़ाई ड्राप कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं। इसके अलावा एक बड़ा वर्ग विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहता है।
वर्जन :
कॉलेजों में उच्चतर शिक्षा निदेशालय की जारी मेधा सूची के आधार पर दाखिला कराए जा रहे हैं। अब तक करीब 75 प्रतिशत सीटों पर दाखिला हो चुका है। निदेशालय युवाओं को लेट फीस के साथ भी दाखिला दे रहा है। युवाओं को स्नातक की पढ़ाई को अपने लक्ष्य में शामिल करना चाहिए। वे स्नातक के बिना अच्छी नौकरी नहीं पा सकते।
अनुपम अरोड़ा, प्राचार्य, एसडी पीजी कॉलेज।
वर्जन
काॅलेजों में दाखिलों को लेकर युवाओं में उत्साह रहा है। अधिकतर सीटों पर दाखिला हो चुका है। निदेशालय के निर्देशानुसार लेट फीस के साथ दाखिला ले सकते हैं। इसको लेकर कॉलेज में व्यवस्था की गई है। युवाओं को पढ़ाई बीच में नहीं छोड़नी चाहिए।
डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी कॉलेज।
वर्जन
कॉलेज की पढ़ाई व्यक्ति के परिपक्व होने में सहायक होती हैं। कुछ युवा जल्दी नौकरी के सपने देखकर कॉलेज की पढ़ाई छोड़ देते हैं। उनको बाद में इसका अहसास भी होता है। ऐसे में युवाओं को अपनी पढ़ाई लगातार करनी चाहिए।
डॉ. अजय कुमार गर्ग, प्राचार्य, आईबी पीजी कॉलेज।