समालखा/बापौली। यमुना में मिट्टी कटाव को देखते हुए 12 नई ठोकरें बनाई जाएंगी। इनमें दो खोजकीपुर, आठ हथवाला और दो ठोकरें गोयला कलां गांव में बनाई जाएंगी। इसे लेकर सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव से मुलाकात कर अर्ध सरकारी अनुरोध पत्र भी दिया जाएगा। प्रशासन का भरोसा है कि इस बार बारिश से पहले ही ठोकर बनाने का काम पूरा कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी।
उपायुक्त वीरेंद्र कुमार दहिया ने रविवार को अधिकारियों के अमले के साथ यमुना का सनौली से लेकर समालखा के हथवाला व आगे के गांवों तक दौरा किया। उन्होंने सबसे पहले हथवाला गांव में स्थिति का जायजा लिया। हथवाला में ठोकर बनाने की जरूरत बताई। इसके बाद बिलासपुर और गोयला कलां पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी को निर्देश दिया कि वे सोमवार तक इन सभी ठोकरों का एस्टीमेट बनाकर मंगलवार को सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव से मिलें और जिला प्रशासन की ओर से अर्ध सरकारी पत्र उन्हें अनुरोध सहित सौंपा जाए। वे इस बाबत प्रधान सचिव से फोन पर अनुरोध करेंगे।
कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी ने उपायुक्त को बताया कि जिले का कुल 45 किलोमीटर का क्षेत्र यमुना नदी से लगता है। जो राणा माजरा से राक्सेड़ा गांव तक का है। उन्होंने बताया कि आठ ठोकरों की स्वीकृति पहले मिल चुकी हैं, जिनमें दो बिलासपुर और छह ठोकर खोजकीपुर में बनाई जाएंगी।
उपायुक्त ने बापौली, सनौली और समालखा क्षेत्र के यमुना के साथ लगते गांवों के लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यमुना में कपड़े धोने या अनावश्यक कार्य के लिए न जाए। इससे जानमाल की हानि हो सकती है। मौके पर जिला परिषद की चेयरमैन ज्योति शर्मा, प्रदीप बिहौली, एसडीएम पानीपत वीरेंद्र ढुल, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीआरओ राजकुमार भौरिया, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजय शर्मा और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।