पानीपत। प्रशासन और पुलिस की सामाजिक सौहार्द की बैठकों और अपील के बीच दो समुदायों के युवा सोशल मीडिया पर उलझ गए। दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ी कि बात गालीगलौज तक आने पर मामला पुलिस थाने पहुंच गया। पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि समुदाय विशेष के लोगों के खिलाफ सुबह शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के पुलिस चौकी का घेराव करने और हंगामे के बाद पुलिस ने शिकायत के 10 घंटे बाद मुकदमा दर्ज किया। इस दौरान आरोपी को पुलिस हिरासत में रखा।
आरोप है कि आरोपी ने 20 सेकंड के वीडियो में छह बार अपशब्दों का प्रयोग किया है। खटीक बस्ती निवासी युवक ने बताया कि उसने बुधवार को अपने सोशल मीडिया के अकाउंट के स्टेटस पर देश में भगवा फरहाने की एक पोस्ट अपलोड की थी। उसकी वीडियाे पर एक अन्य युवक ने गालीगलौज करते हुए अभद्र शब्दों वाला वीडियो अपलोड कर दिया। उसने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे किशनपुरा चौकी पहुंचकर उसने मामले की शिकायत दी। पुलिस आरोपी की धरपकड़ के लिए उसके मोहल्ले में पहुंची। इसी बीच उस पोस्ट पर अभद्रता करने वाले युवक के दोस्त ने कमेंट बॉक्स में अपशब्दों का प्रयाेग किया। युवक ने आरोप लगाया कि कार्रवाई की मांग को लेकर वह दिनभर पुलिस चौकी के बाहर खड़ा रहा। पुलिस ने देर शाम तक उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया।
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गोरक्षा दल के सदस्य बृहस्पतिवार शाम को किशनपुरा चौकी पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने चौकी के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शारीक को हिरासत में लिया। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करने में देरी की है। देर रात करीब नौ बजे चौकी इंचार्ज ने दूसरे आरोपी की भी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तो शिकायतकर्ता पक्ष के लोग वापस लाैट गए। इस दौरान गोहाना रोड रेलवे ओवरब्रिज पर भी वाहन थम गए। लोग अपनी बाइक व गाड़ियां रोक कर नीचे देखने लगे। लोगों ने पुल से भी समर्थन में नारेबाजी की।
जिले में धारा 144 लागू है और यह अगले आदेशों तक जारी रहेगी। किसी प्रकार की धार्मिक भावना भड़काने या दंगे करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। इस तरह के लोगों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ा जाएगा। प्रशासन की सभी लोगों से समन्वय बनाए रखने की अपील है और इसमें प्रशासन व पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
वीरेंद्र कुमार दहिया, डीसी।
पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही थी। इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं बरती गई। इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवाओं को ऐसे समय में शांति बनाए रखने की जरूरत है। अभिभावकों को इसके लिए आगे आना चाहिए। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत सिंह शेखावत, एसपी।