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Panipat News: छह घंटे प्रदर्शन, तीन घंटे बैठक के बाद हुआ अभिषेक का संस्कार

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पानीपत। नूंह हिंसा में गोली लगने से मृत बजरंग दल लव-कुश प्रखंड बरसत रोड एरिया के संयोजक पानीपत के नूरवाला निवासी अभिषेक की हत्या के मामले में बुधवार को पूरा दिन तनातनी का माहौल बना रहा। परिजनों और विश्व हिंदू परिषद ने अपनी मांगों के चलते सुबह छह घंटे सिविल अस्पताल प्रदर्शन किया और शव लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान हिंदू संगठनों केे लोगों ने हनुमान चालीसा भी पढ़ा।
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इस दौरान सांसद, दो विधायक, डीसी, एसपी, मेयर और परिजनों के बीच तीन घंटे बैठक चली। सीएम से बातचीत के बाद परिवार की सभी मांगें मानने का आश्वासन दिया गया। परिवार ने अभिषेक को शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। दोपहर बाद करीब एक बजे परिजनों ने शव का नूरवाला के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस बीच शहीद अभिषेक बजरंगी अमर रहे के नारे लगे। इसी दौरान भारी पुलिसबल तैनात रहा।
विश्व हिंदू परिषद के सदस्य बुधवार सुबह आठ बजे ही सामान्य अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अभिषेक का शव लेने से इंकार कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सांसद संजय भाटिया मौके पर पहुंचकर परिवार को सांत्वना देकर विहिप के सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया, एसपी अजीत सिंह शेखावत, विधायक प्रमोद विज और महीपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार को आश्वासन देने का प्रयास किया, लेकिन विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। परिजन जीटी रोड पर जाम लगाने के लिए भी चल पड़े थे।
डीसी, एसपी, सांसद, दो विधायक और मेयर अवनीत ने अभिषेक के पिता सतपाल, गोरक्षक दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता आजाद सिंह आर्य के साथ एक कमरे में बैठक की। आरोप है कि दंगाइयों ने अभिषेक को गोली मारने के साथ गला भी रेत दिया था। प्रशासन व परिजनों के बीच बैठक सुबह करीब पौने 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक चली। जिसमें परिवार की सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने शव उठाया और दोपहर सवा दो बजे उसका संस्कार किया। अभिषेक के शव का तीसरे दिन संस्कार हो पाया।


यह थी मांगें-
- एनआईए से नूंह हिंसा की जांच कराई जाए।
- नूंह के विधायक मामन खान की भी निष्पक्ष जांच हो और दोषी मिलने पर कार्रवाई हो।
- अभिषेक को शहीद का दर्जा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- मुआवजे के रूप में आर्थिक सहायता दी जाए।

मांगों को लेकर अभिषेक के परिवार की सहमति बन गई है। सरकार के साथ संगठन भी परिवार की मदद करेगा। संगठन भी किसी मदद से पीछे नहीं है। सीएम से भी उनकी फोन पर बातचीत हुई है। लोगों से भी अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति पूर्वक माहौल बनाकर रखें।
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- संजय भाटिया, सांसद, करनाल लोकसभा।

जिले में शांतिपूर्वक माहौल है। पुलिस ने हर संवेदनशील क्षेत्र में जाकर गश्त की। शहरवासियों से अपील है कि वह शांति बनाए रखें।
- वीरेंद्र सिंह दहिया, उपायुक्त, पानीपत।
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