संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। महाविद्यालयों में इन दिनों स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में दाखिला प्रक्रिया चल रही है। दाखिले का पहला चरण पूरा हो चुका है। आठ अगस्त से फिजिकल काउंसलिंग के तहत दाखिले किए जा रहे हैं। स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल करने के लिए लड़कियां काफी आगे हैं। लड़के स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल करने में अपेक्षाकृत रुचि नहीं दिखा रहे।
आंकड़ों पर नजर डाले तो प्रदेश के 209 स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में 64 पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए शनिवार शाम तक 34179 युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि अब तक 15960 दाखिले हुए हैं। इनमें से 12971 लड़कियों ने दाखिला लिया है। जो कुल दाखिले का 81.27 प्रतिशत है। जबकि डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी स्नातक की उपाधि प्राप्त करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार लड़कियां उच्चतर शिक्षा हासिल कर अपने कॅरिअर के प्रति गंभीर रहती हैं और वे कम से कम शादी से पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। लड़कों में इस प्रकार की सोच बहुत कम देखने को मिल रही है। अधिकतर लड़के स्नातक तक की शिक्षा पूरी कर या तो विदेश जाने की योजना बनाते हैं या फिर किसी निजी संस्थान में नौकरी पाने तक सीमित रह जाते हैं। कौशल पूर्ण उच्चतर शिक्षा हासिल कर एक सफल कॅरिअर बनाने की सोच बहुत कम लड़कों की होती है।
अधिकतर युवा वाणिज्य के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इसलिए स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए एमकॉम में दाखिले को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि एमएससी गणित, एमए अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, इतिहास, हिंदी जैसे विषयों में भी युवा रूचि दिखा रहे हैं और यूजी-नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रोफेसर के रूप में कॅरिअर बनाना चाहते हैं। युवाओं ने रसायनशास्त्र, अर्थशास्त्र को भी कॅरिअर का बेहतर स्रोत माना है और इन विषयों में दाखिला ले रहे हैं। संवाद
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं लड़के
यूजी करने के बाद ज्यादातर छात्र कॉलेज को प्राथमिकता ना देकर अलग-अलग विश्वविद्यालयों की तरफ रुख कर रहे हैं। गांव में रहने वाले काफी छात्र स्नातक के बाद पढ़ाई छोड़कर प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग शुरू कर देते हैं। वहीं, शहर और गांव के कुछ छात्र स्नातकोत्तर में औपचारिकता के तौर पर कॉलेज या दूरस्थ शिक्षा में दाखिला तो ले लेते हैं लेकिन वो भी किसी न किसी प्रतियोगिता से संबंधित कोचिंग सेंंटर में दाखिला ले लेते हैं। - डॉ. दिनेश गाहल्याण, प्रभारी जनसंचार विभाग, आर्य कॉलेज, पानीपत।
अब विदेश जाने लगे विद्यार्थी
बहुत से विद्यार्थी 12वीं और स्नातक करके विदेश जाने लगे हैं। विदेश में जाने वालों की ज्यादातर गांव से हैं। लड़कियां अपने कॅरियर को लेकर ज्यादा गंभीर होती हैं और स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल कर किसी स्कूल या कॉलेज में सरकारी या प्राइवेट नौकरी पाकर सफल कॅरियर बनाना चाहती हैं। - डॉ. अनुराधा सिंह, उप-प्राचार्य, आर्य कॉलेज पानीपत।
लड़कियां कॅरिअर के प्रति ज्यादा गंभीर
लड़कियां अपने लक्ष्य को पाने के लिए ज्यादा उत्सुकता से मेहनत करती हैं। वे अपने कॅरिअर के प्रति ज्यादा गंभीर होती हैं और सफल कॅरियर बनाने के लिए लगातार मेहनत करती हैं। - दीक्षा, छात्रा, एमएससी।