पानीपत। गीता मंदिर में श्रीकृष्णा लीला कथा का आयोजन किया गया। पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने श्रीकृष्ण की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि द्वापर युग में पृथ्वी पर राक्षसों के अत्याचार बढ़ने लगे तो पृथ्वी गाय का रूप धारण कर अपनी कथा सुनाने और उद्धार के लिए ब्रह्मा के पास गई। सभी देवता यह सब देखकर बहुत चिंतित हुए। ब्रह्मा जी सब देवताओं को साथ लेकर पृथ्वी को भगवान विष्णु के पास क्षीर सागर ले गए। उस समय भगवान विष्णु अन्नत शैया पर शयन थे। स्तुति करने पर भगवान निद्रा से उठे। भगवान ने ब्रह्मा जी और सब देवताओं को देखकर उनके आने का कारण पूछा तो पृथ्वी बोली कि भगवान मैं पाप के बोझ से दबी जा रही हूं। मेरा उद्धार कीजिए। भगवान विष्णु उन्हें कहा कि चिंता न करें। कुरुक्षेत्र के मैदान में मैं पापियों का संहार कर पृथ्वी को पापों से भारमुक्त करूंगा। श्रीकृष्णा कथा के बाद कथा में उपस्थित भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया।