पानीपत। नगर निगम क्षेत्र के अलावा जिले भर की 25 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को अवैध कॉलोनी का दंश नहीं झेलना पड़ेगा। सरकार ने नगर निगम क्षेत्र की 11 कॉलोनियों समेत जिले के चार खंडों की अन्य 14 कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा कर दी है। इसका फायदा इन कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को होगा। ये लोग अपनी संपत्तियों के पंजीकरण तक करवा सकेंगे। सरकार की ओर से दी जाने वाली सभी मूलभूत आवश्यकताओं का लाभ ले सकेंगे। निगम को भी इन कॉलोनियों में सभी विकास कार्य करवाने की शक्तिमिल गई है।
कॉलोनियों को वैध करने की ये घोषणा वीरवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की है। जिसमें प्रदेश की 264 कॉलोनियों पर नियमित होने की मुहर लगाई गई है। ये कॉलोनियां 3673 एकड़ जमीन पर फैली थी। इनके नियमित होने से लाखों लोगों को अब मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। पानीपत नगर निगम क्षेत्र की वैध की गई ये 11 कॉलोनियां 56.21 एकड़ जमीन में फैली हैं। वहीं, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के सर्वे में जिले के चार खंडों में 82 एकड़ में फैली 14 कॉलोनियों को नियमित किया गया है। इनमें पानीपत खंड के 17.33 एकड़ में बनी तीन कॉलोनियों समेत मतलौडा के 14.93 एकड़ में बनी चार, इसराना के 17.33 में दो और समालखा के 30.53 एकड़ में बनी पांच कॉलोनियों को नियमित किया गया है। बता दें कि इससे पहले सरकार ने 14 दिसंबर को समालखा की चार और इसराना की दो कॉलोनियों को नियमित किया था।
ये 11 कॉलोनियों हुई वैध, बाकी दो बाहर:
नगर निगम क्षेत्र की जगदीश कॉलोनी पार्ट-1, जगदीश कॉलोनी पार्ट- 2, सौंधापुर कॉलोनी पार्ट-3, एक्सटेंशन सौंधापुर कॉलोनी पार्ट-2, सौंधापुर के नजदीक एकता कॉलोनी एक्सटेंशन, विकास नगर -2, , सनौली रोड पर रूपचंद नगर, उग्रा खेड़ी के पास साई कॉलोनी, सनौली रोड पर धूप सिंह नगर- 2, चांदनीबाग पुलिस थाने के पास जीत राम कॉलोनी-2 और नूरवाला में गीता कॉलोनी एक्सटेंशन को नियमित किया गया है।
पिछली बार प्रस्तावित 13 कॉलोनियों की सूची में से एनएफएल के पास बसे 39.49 एकड़ के विकास नगर -1 और 12.05 एकड़ में बसी गुरुद्वारे के पास दीनानाथ कॉलोनी को नियमित नहीं किया जा सका है।
पहले भेजी थी 22 की सूची, 13 बची, दो पर लगा ऑब्जेक्शन, 11 हुई पास:
सबसे पहले निगम ने शहर भर का सर्वे कर 22 कॉलोनियों की सूची नियमित करवाने के लिए भेजी थी। इनमें से 09 कॉलोनियों पर नियम पूरे न करने की वजह से बाहर कर दिया गया था। जिनमें सौंधापुर में सनराइज स्कूल के पीछे वाली कॉलोनी, सौंदापुर एक, काबड़ी-2, जगदीश कॉलोनी, विराट नगर-3, एकता कॉलोनी, टीडीआई के पास कॉलोनी, गुप्ता कॉलोनी, रूपचंद कॉलोनी शामिल थी।
इसके बाद बाकी बची 13 कॉलोनियों पर भी दो बार आपत्ति दर्ज हुई। जिसे निगम अधिकारियों ने दूर कराया। इसके बाद भी दो कॉलोनियों पर फिर से आपत्ति दर्ज हो गई। जिसकी वजह से इनको नियमित नहीं किया जा सका। बाकी 11 कॉलोनियों को नियमित कर दिया गया है।
सरकार ने तैयार कराया विकास कार्याें का बजट:
सरकार ने नगर निगम क्षेत्र की 2251 और जिला योजनाकार क्षेत्र की 1908 कॉलोनियों का सर्वे कराया। जिनमें से अब तक छह चरण में 17331 एकड़ में फैली 1416 कॉलोनियों को चिहिन्त करने का काम किया है। इनमें से अब तक वैध हो चुकी 601 कॉलोनियों में विकास कार्य करवाने की तैयारी की गई है। इनमें से 505 कॉलोनियों में करीब 438.46 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जाएंगे। इनमें से अब तक 53.43 करोड़ का एस्टीमेट भी तैयार किया जा चुका है।
वर्जन:
सरकार ने 11 कॉलोनी की वैध: निगम
सरकार को निगम क्षेत्र की 13 कॉलोनियों की सूची भेजी गई थी। इनमें से 11 कॉलोनियों को नियमित करने की मंजूरी मिली है। दो कॉलोनियों पर कुछ ऑब्जेक्शन लगे थे। इनकी त्रुटियां दूर कर इनको फिर से नियमित कराने के लिए भेजा जाएगा।
योगेश तोमर, एटीपी, नगर निगम।
वर्जन:
सरकार ने जिले में 14 कॉलोनियों को नियमित किया है। इनका गजट नोटिफिकेशन भी जल्द जारी होगा। जिसमें कॉलोनियों के नाम का पता लगेगा। कॉलोनियों के नियमित होने से इनमें रहने वाले लोगों को फायदा होगा।
सुनील अंतिल, जिला योजनाकार।