पानीपत। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 23628 मुकदमों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।
लंबित मामलों के साथ पूर्व मुकदमेबाजी के मामलों से निपटने के लिए लोक उपयोगिता सेवाओं की खंडपीठ का भी गठन किया गया। इसमें दुर्घटना के दावे, चेक बाउंस, बैंक वसूली, नागरिक विवादों से संबंधित सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं, उपभोगता कमीशन के केस भी शामिल हैं। यहां तक कि घरेलू हिंसा अधिनियम आदि से संबंधित कंपाउंडेबल अपराधों के आपराधिक मामले भी शामिल है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष सुदेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में सेशन डिवीजन में शनिवार को अधिनिर्णय की पूरी प्रक्रिया न्यायाधीशों, वकीलों, वादियों, बीमा कंपनियों और बैंक प्रतिनिधियों के बीच न्यायालय में निजी रूप से आकर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के जिला सचिव प्रतीक जैन ने बताया कि लोक अदालत विवादों के निपटान के प्रभावी तरीकों में से एक है।
लोक अदालतों में विवादों का सौहार्दपूर्वक निपटारा किया जाता है। सभी के लिए न्याय तक पहुंच के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एडीआर तंत्र का संवर्धन काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जिला में 23628 मुकदमों को लिया गया था। जिनमें से 19468 मुकदमों को केवल पानीपत में लोक अदालत में पारंपरिक रूप से निपटाया गया। लोक अदालत में निपटान की राशि 7,20,97,884 रुपये थी। इसके अलावा समालखा सब डिवीजन में 4160 मुकदमों का निपटारा किया गया। जिले में 23628 मुकदमों का निपटारा किया गया।