पानीपत। सेक्टर 29 बाइपास रोड पर सातवीं बार शहर की मुख्य सीवरेज लाइन धंसी है। यहां सड़क के नीचे सीवरेज लाइन के मैनहोल की दीवार टूटने से करीब 22 फुट गहरा गड्ढ़ा बन गया है। जो करीब छह फुट तक चौड़ा है। इसकी रिपेयरिंग करना निगम अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। वैसे रिपेयरिंग में देरी बड़े हादसे को दावत दे सकता है। हादसा न हो इसके लिए निगम ने पहरेदारों की ड्यूटी लगाई है। साथ ही रास्ता ब्लॉक कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सबसे पहले निगम अधिकारी गड्ढ़े से सीवर के गंदे पानी को टैंकरों के माध्यम से बाहर निकालने पर जुटे हैं। इसके बाद इस गड्ढे को और अधिक चौड़ा करने के लिए खुदाई की जाएगी। फिर मैनहोल की दीवार खड़ी की जाएगी। जिसके बाद रिपेयरिंग का काम होगा और सड़क दोबारा से चालू हो सकेगी। गौरतलब है कि अभी तक मैनहोल और सीवर लाइन को कितना नुकसान हुआ है इसका अब तक आकलन नहीं हो सका है। जो ऊपर से दिखाई दे रहा है केवल उसके आधार पर रिपेयरिंग की योजना बनाई जा रही है। गड्ढे को अगर सीधा मिट्टी या अन्य मैटेरियल डालकर भरा गया तो मैनहोल चौक होने से आधे शहर की निकासी ठप हो जाएगी। फिलहाल सीवर लाइन में गंदा पानी बह रहा है।
आधे शहर की ये करीब 30 साल पुरानी खस्ताहाल सीवरेज लाइन पिछले सवा साल में सातवीं बार धंस चुकी है। जबकि इसे बदलने के लिए निगम ने करीब साढ़े तीन माह पहले 109 करोड़ के बजट की अनुमति मांगी गई थी, जो आज तक नहीं मिली है। इसकी अनुमति के इंतजार में यहां बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पहले भी यहां कई बार 25 से 30 फुट तक गहरे और 20 से 25 फुट चौड़े गड्ढे हो चुके हैं। पहले वाले गड्ढों को निगम ने सीआईपीपी तकनीक से बंद तो कर दिया था लेकिन अबकी बार सीवरेज लाइन के मैनहोल को चलती लाइन में रिपेयर करना निगम इंजीनियरों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस लाइन के डिजाइन से लेकर उसकी गुणवत्ता शक्ति भी अब पूरी हो चुकी है। बबैल नाके से लेकर सिवाह सीटीपी प्लांट तक इस लाइन को बदलने की जरूरत है। वार्ड नंबर एक से लेकर 16 तक की निकासी इस पर निर्भर है। ये लाइन जीटी रोड से होते हुए सनौली रोड से बबैल नाका और बाइपास के साथ सिवाह एसटीपी प्लांट तक जाती है। इस एरिया में इसकी लंबाई करीब 11 किलोमीटर है। जिसका कंक्रीट अब झड़ने लगा है। इसे नई बिछाने का करीब 109 करोड़ का टेंडर सरकार के पास अनुमति के लिए भेजा है जिसे मंजूरी का इंतजार है।
वर्जन:
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मैनहोल की दीवार टूटी है। इस गड्ढे को यूं ही बंद नहीं किया जा सकता। चलती सीवर लाइन में इसकी रिपेयर की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इसे लेकर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
राजेश कौशिक, एक्सईएन, नगर निगम।