पानीपत। सरकारी खरीद के पहले दिन पानीपत की मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो गई। पानीपत अनाज मंडी में करीब दो सौ क्विंटल और इसराना मंडी में 170 क्विंटल गेहूं पहुंंची। पानीपत अनाज मंडी में पहले दिन ही किसान की गेहूं की खरीद कर ली, जबकि इसराना मंडी में आई गेहूं नमी होने के चलते नहीं खरीदी जा सकी। इस बार गेहूं का उत्पादन कुछ कम रहा है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 12 मंडी और खरीद केंद्र बनाए गए हैं। शनिवार को सरकारी खरीद शुरू हो गई। चारों एजेंसियां संबंधित मंडी में पहुंचीं। पानीपत अनाज मंडी में बराना गांव के किसान बृजपाल 11 एकड़ रकबे का करीब 200 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे। एजेंसी ने करीब आधे घंटे में ही गेहूं की खरीद कर ली। इसराना अनाज मंडी में शनिवार को सरकारी खरीद के पहले दिन 170 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। एजेंसियों ने गेहूं में नमी की मात्रा तय मानक से ज्यादा होने से खरीद नहीं की।
बराना के किसान बृजपाल ने बताया कि मौसम प्रतिकूल रहा। इसके चलते इस बार उत्पादन कम रहा है। पिछले साल 11 एकड़ में करीब 230 क्विंटल गेहूं निकला था। इस बार इसमें दो सौ एकड़ गेहूं निकला है। मौसम की मार से गेहूं उत्पादन कम हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने भी बारिश से उत्पादन कम होने की बात कही थी।
बारिश और ओलावृष्टि की वजह से जिले के किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हजारों एकड़ रकबे में फसल खराब हो चुकी है। कृषि विभाग के पास करीब पांच हजार एकड़ में गेहूं की फसल में नुकसान की जानकारी दी है। शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान कुछ बढ़ गया है। कई जगह गेहूं की फसल दूर से काली नजर आने लगी है।