पानीपत। मॉडल टाउन क्षेत्र की 13 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर एक साल तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर दोषी को तीन साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। यह फैसला 38 माह में आया है।
असंध रोड निवासी महिला ने मॉडल टाउन थाने की पुलिस को अगस्त 2019 में दी शिकायत में बताया था कि वह चार बेटियों और दो बेटों की मां है। उसकी सबसे छोटी बेटी 13 साल की है। नौ अप्रैल 2018 को उसके पिता का देहांत हो गया था। इसलिए वह अपने मायके उत्तर प्रदेश गई थी। घर पर उसकी 13 वर्षीय बेटी अपने पिता के साथ थी। 12 अप्रैल 2018 की रात करीब 10 बजे राजू नाम का शख्स आया। राजू पहले भी उनके घर आता था। राजू ने उसकी बेटी को कहा कि उसके पापा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे बुलाया है। उसने किशोरी को भरोसे में लिया और अपने साथ एक गाड़ी में बैठा कर बिंझौल नहर के पास ले गया। यहां पर पहले से जींद के गांव अकालगढ़ निवासी सुरेश पुत्र सुबे सिंह भी रहा। किशोरी ने पूछा कि उसके पिता कहां है, तो राजू ने उसका मुंह दबा लिया। सुरेश ने राजू को वहां से भेज दिया। उसके बाद सुरेश किशोरी के साथ गलत हरकत करने लगा। वह चिल्लाने लगी तो उसका मुंह दबा लिया और गाड़ी के डैशबोर्ड से देसी पिस्तौल निकाल ली। देसी पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और कार में उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद उसने राजू को बुलाया। दोनों उसे गाड़ी में बैठा कर अपनी बहन के घर ले गए। जहां उसने उसे घर में कैद कर दिया। अपनी बहन के घर भी सुरेश ने किशोरी के साथ गन प्वाइंट पर दुष्कर्म किया। किशोरी को करीब एक साल तक कमरे में बंद रखा और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं वह गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात भी करवा दिया गया। दूसरी बार फिर गर्भवती हुई तो उसे गर्भपात नहीं करवाने दिया। आठ माह की गर्भवती किशोरी को एक साल बाद सुरेश उसे उसके घर के बाहर छोड़कर धमकी देता हुआ फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।