मनरेगा कार्य स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं में मुआवजा को लेकर सौंपा ज्ञापन
पानीपत। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन पानीपत के पदाधिकारियों ने सोमवार को मनरेगा कार्य स्थलों पर बढ़ रही दुर्घटनाओं को लेकर व मनरेगा को गंभीरता से लागू करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम एसडीएम वीना हुड्डा को ज्ञापन सौंपा। वहीं एसडीएम ने यूनियन पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि वे उपायुक्त के माध्यम से उनके ज्ञापन को मुख्यमंत्री को जल्द ही भिजवा देंगे। इस मौके पर यूनियन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र, एडवोकेट दयानंद पंवार, रामकिशन आर्य, अंग्रेज सिंह व ओमपाल ने कहा कि अभी हाल में जींद जिला के सफीदों ब्लॉक में गांव खेड़ा खेमावती में मनरेगा के तहत चल रही कार्य साइट पर मिट्टी की ढांग गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई और दर्जनभर मजदूर घायल हो गए। जिनमें कई मजदूर अब भी पीजीआई में जिंदगी व मौत की जंग लड़ रहे हैं। वहीं गत वर्ष पानीपत के गांव बापौली में भी मनरेगा साइट पर काम करते हुए ढांग गिरने से कई मजदूर दब गए थे और उनमें से दो मजदूर आज तक भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा साइटों पर श्रमिक सुरक्षा के इंतजामों का अभाव है। यदि कोई मनरेगा दुर्घटना होती है तो उसके लिए संबंधित जिला के अतिरिक्त उपायुक्त, बीडीपीओ, एसडीओ पंचायती राज, कनिष्ठ अभियंता व ग्राम पंचायत अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वहीं अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मनरेगा साइटों पर हुए हादसों में मरने वाले मजदूरों के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा व मृतक के परिवार में से किसी एक को नौकरी दी जानी चाहिए। वही गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपए व चोटिल मजदूरों को आर्थिक सहायता व पुरा इलाज दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। मनरेगा एवं श्रम कानूनों के प्रावधानों को श्रमिक हित में गंभीरता से लागू किया जाए।