गेहूं व गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाना नाकाफी : मान
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन की प्रदेश स्तरीय मासिक बैठक शनिवार को किसान भवन में प्रदेशाध्यक्ष रतन मान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हाल ही में गेहूं व गन्ना आदि रबी फसलों के केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गहरा रोष जताया। भाकियू सदस्यों ने कहा कि गेहूं पर 110 और गन्ना पर मात्र 10 रुपये बढ़ाना ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। वहीं भाकियू ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गेहूं, गन्ना व अन्य रबी फसलों के भाव बढ़ाने की मांग की हैं। बैठक में ही 27 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के नेतृत्व में स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, किसान पेंशन लागू करने, किसानों को कर्जमुक्त करने आदि किसानों की समस्याओं को लेकर किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि जंतर-मंतर पर 27 नवंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन में हरियाणा से भारी संख्या में किसान भाग लेंगे। बैठक में ही पानीपत के नए शुगर मिल का गांव डाहर में एक माह में निर्माण कार्य शुरू नहीं करने पर रोष जताया और फैसला लिया कि भाकियू की पानीपत इकाई द्वारा जिला प्रधान सुरेश दहिया की अध्यक्षता में दो नवंबर को प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने की बात कहकर देश व प्रदेश के किसानों को भ्रमित किया जा रहा हैं। पानीपत भाकियू ने दो नवंबर को प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इस मौके पर भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, प्रदेश महासचिव जगमोहन सोनीपत, सुरेश दहिया पानीपत जिला प्रधान, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रताप माजरा, जिला महासचिव ऋषिपाल नांदल, जिला सचिव बलजीत राठी, ईश्वर बांगड़ी, कृष्ण शर्मा सोनीपत, मेवा सिंह कुरूक्षेत्र, प्रदीप मिर्चपुर हिसार, सुरेंद्र सांगवान करनाल, छज्जू राम जींद, पूर्व जिला प्रधान चूहड़ सिंह रावल, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण अटावला व ब्लाक प्रधान सुंदरपाल रावल मौजूद रहे।