पानीपत। मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व निकाय योजना के इंतजार में नगर निगम की दुकानें पिछले 20 साल से किराए पर लिए बैठे शहर के करीब 400 दुकानदारों को सरकार ने 15 दिन के लिए अंतिम अवसर दिया है। सरकार ने 15 दिन के लिए पोर्टल को खोलने का फैसला लिया है। जिसमें ये पोर्टल मंगलवार से लेकर 30 जुलाई तक खुला रहेगा। इसमें योजना के अनुरूप पात्र दुकानदार मालिकाना हक पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार की ओर से ये अवसर अंतिम बार दिया गया है। इसके लिए सरकार की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि पोर्टल बंद होने के सात माह बाद भी पात्र दुकानदार इसके खुलने का इंतजार कर रहे थे। ये दुकानदार योग्य तो थे लेकिन कभी सरकार का पोर्टल इनके लाभ के आड़े आता तो कभी निगम के अधिकारी और कर्मचारी इनकी राह में रोड़ा बन जाते। सोमवार को संयुक्त व्यापार मंडल समिति के बैनर तले कई बाजार प्रधान डीसी के सामने समाधान शिविर में पेश हुए। उन्होंने शहर में करीब 400 दुकानदारों के हक की आवाज उठाते हुए कहा कि सरकार के पोर्टल का चालू कराया जाए। ताकि उनके दुकानदार साथी इस योजना के तहत पंजीकरण करवा सकें। इस योजना की रूपरेखा को सरल किया जाए ताकि योजना का फायदा पात्र लोगों को मिल सके।
बाजार प्रधानों ने कहा कि अब तक निगम अधिकारी और कर्मचारी व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते मिलीभगत से उनके आवेदन रद्द कर रहे थे। इसी वजह से केवल 18 का ही पंजीकरण हो सका है। जबकि योजना के तहत शहर के करीब 68 दुकानदारों ने आवेदन किया था। इनमें से निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने 37 आवेदन को तो खारिज ही कर दिया। बाकी 31 को मंंजूर किया इसमें से भी 18 का ही पंजीकरण किया गया। बाकी दुकानदार आज तक योजना के लाभ की बाट जोह रहे हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2023 के बाद से पोर्टल ही चालू नहीं हो सका है। जिससे बाजार के योजना पात्र दुकानदारों को उनकी दुकानों का मालिकाना हक नहीं मिल सका।
समाधान शिविर में डीसी वीरेंद्र दहिया ने बाजार के प्रधानों ने शिकायत सुनी और निगम संयुक्त आयुक्त को निर्देश जारी किए कि वे इस मसले को सरकार के पास भिजवाएं और पोर्टल खुलवाने की मंजूरी लें ताकि पात्र दुकानदार अपना पंजीकरण करवा सकें। जबकि दूसरी ओर संयुक्त व्यापार मंडल के बाजार प्रधानों ने कहा कि वे पोर्टल खुलने का दो दिन तक इंतजार करेंगे। इसके बाद काम नहीं हुआ तो फिर से डीसी से मिलेंगे और फिर इंतजार करेंगे। तीसरी बार भी काम नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इसमें धरने प्रदर्शन से लेकर भूख हड़ताल, रोड जाम करना तक किया जा सकता है। हालांकि दुकानदारों की इस मांग को सरकार ने 12 जुलाई को ही मान लिया था। जिसका पत्र 15 जुलाई को सार्वजनिक हुआ। बाजार प्रधानों ने संयुक्त व्यापार मंडल समिति के प्रधान कृष्ण अग्रवाल, राजेश सूरी, सुरेश बवेजा, विशाल वर्मा, हरबंस खुराना, मिंटू सचदेवा, नरेश जैन, कमल, रोहित मेंहदीरता आदि मौजूद रहे।
वर्जन:
नगर पालिकाओं के 31 दिसंबर 2020 को 20 वर्ष या इससे अधिक वर्ष के दुकान, मकान के किराएदार, लीज धारक, तहबाजारी वालों के लिए सुनहरा अवसर दिया है। ऐसे पात्र लोग स्वामित्व योजना के तहत अब 30 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए पोर्टल मंगलवार से खोला जाएगा।
अरूण भार्गव, डीएमसी, नगर निगम।
सरकार ने मालिकाना हक