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Panipat News: बैठक में नहीं पहुंचे 14 अधिकारी, कारण बताओ नोटिस जारी

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कुरुक्षेत्र। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर अधिकारी कितने गंभीर हैं, यह मंगलवार को पंचायत भवन में आयोजित जिला परिषद की बैठक में सामने आ गया। 14 अधिकारी बैठक में पहुंचे ही नहीं। यह मनमानी देखकर परिषद के चेयरमैन व अन्य पदाधिकारी हैरान रह गए। गैरहाजिर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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अधिकारियों की यह मनमानी पहली बार उजागर नहीं हुई है बल्कि इससे पहले की बैठकों में भी अधिकारी नदारद रहे हैं। इससे पहले हुई बैठक में संबंधित अधिकारियों के बैठकों में मौजूद रहने को लेकर कड़े निर्देश दिए गए थे। गत 29 मई को आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी पांच अधिकारी अनुपस्थित थे तो उससे पूर्व माह की बैठक में भी अधिकारियों की मनमानी देखने को मिली थी। समिति के चेयरमैन एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने ऐसे अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जिला उपायुक्त को उनकी एसीआर में भी यह रिमार्क दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अधिकारी विकास कार्यों और लोगों की परेशानी दूर करने को लेकर होने वाली बैठकों के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास कार्यों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है और लोगों की समस्याएं दूर हो सकती हैं।

जिला परिषद की बैठक के लिए 30 विभागों के करीब 45 अधिकारियों को शामिल होने के लिए पत्र भेजे गए थे, लेकिन 14 अधिकारी पहुंचे ही नहीं। इनमें एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, एक्सईएन बिजली निगम, जिला बाल कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, उप निदेशक पशुपालन विभाग, जिला बागवानी अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पिपली सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
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जिला परिषद चेयरमैन कंवलजीत कौर ने बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह अधिकारियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

जिला परिषद की चेयरमैन कंवलजीत कौर ने बैठक में कहा कि कुरुक्षेत्र के गांवों में विकास पर राज्य सरकार छह करोड़ 43 लाख रुपये खर्च करेगी। इस राशि से होने वाले विकास कार्यों का खाका पार्षदों की सहमति से तैयार किया गया है। इस राशि से होने वाले विकास कार्यों को लेकर सभी ने सहमति भी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सबंधित विभागों के अधिकारी अगले तीन दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देना सुनिश्चित करेंगे। इस मामले में जरा सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। चेयरमैन ने सभी सदस्यों से 13वें वित्त आयोग पीआरआई स्कीम के तहत प्राप्त 60 लाख, 15वें वित्त आयोग स्कीम के तहत प्राप्त 92 लाख और स्टेट फाइनेंस कमीशन स्कीम के तहत चार करोड़ 91 लाख रुपये की राशि के वितरण के बारे में चर्चा की। उन्होंने गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों का फीडबैक भी लिया। इस दौरान जिला परिषद के वाइस चेयरमैन डीपी चौधरी और जिप सदस्यों ने भी अपने-अपने वार्ड से संबंधित मुद्दों और विकास कार्यों को हाउस के समक्ष रखा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और जन कल्याणकारी नीतियों को सबके समक्ष रखा।

चेयरमैन ने धुराला गांव में बस क्यू शेल्टर बनाने का निर्देश दिया। गांवों में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम का प्रबंध करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया और कहा कि गांव में फॉगिंग करवाई जाए। अगर फॉगिंग की मशीनें नहीं हैं तो उन्हें खरीदा जाए। कौर ने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों के स्कूलों में जाकर साफ-सफाई, शौचालयों, पेयजल, बिजली सहित अन्य प्रबंधों को चेक करें ताकि कमियों को दूर कराया जा सके। इसके अलावा मिड डे मील की गुणवत्ता को भी चेक करें।
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