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Panipat News: नए इंतकाल की 112 फाइलें और तकसीम के 187 मामले लंबित

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पानीपत। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की छापामारी में जिला सचिवालय के सामने पुरानी तहसील स्थित पटवार भवन में कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की मनमर्जी की पोल खुली। पटवारी इंतकाल की फाइलों को दबाए मिले। नए इंतकाल की 112 फाइलें पटवारियों के पास मिलीं। इसके अलावा तकसीम से संंबंधित 187 केस नायब तहसीलदार और तहसीलदार के पास मिले। सुबह नौ बजे सभी पटवारी अपने कार्यालय में नहीं मिले। 11 में से तीन पटवारी यहां मिले। दो पटवारी कार्यालय के काम से तहसील में मिले। बाकी कई पटवारी गैरहाजिर थे। उड़नदस्ते ने फरियादियों से बात की तो उनका दर्द छलक आया। लोग महीनों से काम के लिए पटवारियों के चक्कर काटते पाए गए। डीआरओ राजकुमार भौरिया भी सूचना पाकर पहुंचे। उन्होंने गैरहाजिर पटवारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया और पटवारखाना में साफ-सफाई के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंस्पेक्टर बलीराम के नेतृत्व में टीम बुधवार सुबह नौ बजे पुरानी तहसील स्थित पटवार भवन में पहुंची। पटवारखाना में तहसील पानीपत के फील्ड कानूनगो इरफान हाजिर मिले। उनसे पटवारियों की जानकारी ली। यहां 11 पटवारियों में से सलेंद्र पटवारी हलका उग्राखेड़ी, विवेक चहल हलका पटवारी चंदौली व सुनील मलिक हलका पटवारी मखदूम जगदाण कार्यालय में हाजिर मिले। फील्ड कानूनगो प्रताप एसडीएम समालखा में गए थे। सत्यनारायण पटवारी हलका काबड़ी, दिलावर पटवारी हलका बबैल, रवि पटवारी हलका गद्दीवाड़ा (बिंझौल) जिला सचिवालय में हाजिर मिले। लेखराज पटवारी, हिमांशु व सुभाष पटवारी गैरहाजिर पाए गए। कुलदीप भटनागर पटवारी पत्ती इंसार का कार्यालय बंद मिला। वह सीएमओ कार्यालय में सरकारी काम से मिले।
जांच में तकसीम इंतकाल का एक, नए इंतकाल 112, विरासत इंतकाल छह व निशानदेही के पांच केस लंबित मिले। न्यायालय तहसीलदार में 95 तकसीम केस विचाराधीन मिले। इनमें 32 तीन माह से अधिक, 21 छह माह से अधिक, 42 एक वर्ष से अधिक के मिले। नायब तहसीलदार के पास तकसीम के 92 केस विचाराधीन मिले। इनमें से 32 मामले तीन माह से अधिक, 20 छह माह और 40 केस एक वर्ष से अधिक से विचाराधीन मिले।
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पटवारियों से परेशान लोगों का छलका दर्द-
पटवारी फोन तक नहीं उठाते
बड़ौली निवासी नीरज कुमार ने बताया कि वह खेत की जमीन की जानकारी लेने के लिए आठ महीने से पटवार भवन के चक्कर काट रहे हैं। हिमांशु पटवारी के पास उनका मामला था। उनका अब तबादला हो गया है। इन आठ महीनों में सुभाष और जितेंद्र के पास चार्ज रहा। अब सुभाष के पास चार्ज आ गया है। इन आठ महीनों में हजारों रुपये खर्च कर चुके हैं, लेकिन काम नहीं हुआ। अब पटवारी फोन तक नहीं उठाते।
आसन कलां निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले असंध रोड पर दो दुकानें ली थीं। इनका अब तक इंतकाल नहीं हुआ है। जबकि नियमानुसार रजिस्टरी के साथ इंतकाल हो जाना चाहिए। पिछले दिनों पटवारी बदल दिए गए। वह रजिस्टरी के कागज तीन बार पटवारियों को दे चुके हैं, लेकिन इंतकाल दर्ज नहीं हुआ।
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