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बलाना गांव में कब्जा हटाने गई टीम बैरंग लौटी

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बलाना गांव में कब्जा हटाने गई टीम बैरंग लौटी
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अमर उजाला ब्यूरो
इसराना। बलाना गांव में तीन बीघे पंचायती जमीन पर एक समाज के लोगों द्वारा उक्त जमीन पर जगत गुरु ब्रह्मानंद आश्रम बनाने की बात को लेकर ग्राम पंचायत व विशेष समाज आमने सामने आ गए है। जिला प्रशासन द्वारा इस मामले में तीन बीघे पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने के आदेश पर पहुंचा पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा किए गए विरोध और पर्याप्त पुलिस बल न होने पर हालात को भांपकर बैरंग लौट आया। कब्जा हटवाने की कार्रवाई के लिए प्रशासन ने तहसीलदार संजीव कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। तहसीलदार संजीव कुमार के साथ बीडीपीओ जितेंद्र शर्मा, एसईपीओ रामशरण जागलान व एसआई कंवर सिंह पुलिस बल के साथ बलाना पहुंचे। पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने दूसरे पक्ष को समझाना चाहा। दूसरे पक्ष की तरफ से भारी विरोध के चलते मौके पर मौजूद पुलिस बल पर्याप्त नही पाने व हालात को भांपते हुए प्रशासन वापस बैरंग लौट आया। गांव की सरपंच कमलेश, आजाद, नरेश, ईश्वर, विरेंद्र, जसमेर व राजपाल का कहना है कि गांव में उक्त तीन बिघे जमीन पर पहले वृद्व आश्रम बना हुआ था जो कंडम हालत में पहुंचने के बाद पंचायत द्वारा प्रशासन के आदेश पर गिरा कर उक्त स्थान पर सामान्य चौपाल का निर्माण किया जाना है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों द्वारा उक्त जमीन पर कब्जा कर जगत गुरू ब्रह्मानंद आश्रम बनाए जाने की बात कही जा रही है। आश्रम के बहाने कुछ लोग पंचायती जमीन पर कब्जा किए हुए है। कब्जा हटवाने के लिए जिला उपायुक्त को शिकायत भेजी गई थी। उधर दूसरे पक्ष के महासिंह का कहना है कि उक्त जमीन पर पहले वृद्धाश्रम बनाया गया था जो पंचायत ने कंडम होने का बहाना बनाकर तुड़वा दिया था। उक्त जमीन पर पंचायत गांव में सार्वजनिक उपयोग में ना लाकर एक विशेष वर्ग की चौपाल बनाना चाहती है जबकि समुदाय के लोगों की भावनाओं को देखते हुए उक्त जमीन पर जगत गुरू ब्रहमानंद आश्रम बनाया जाएगा।
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