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Panipat News: एनएचएम के 10 कर्मियों ने की भूख हड़ताल

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पानीपत। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत जिले के 350 एनएचएम कर्मचारी 12 दिन से हड़ताल पर हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क , डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। बुधवार को एनएचएम के 10 कर्मचारी भूख हड़ताल पर रहे। इनमें पांच महिला कर्मचारी भी शामिल थीं।
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यहां एनएचएम कर्मचारियों के धरने में कांग्रेसी नेता विजय जैन पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से बात की। कर्मचारियों ने यहां उन्हें अपनी मांगों के बारे में बताया। विजय जैन ने कांग्रेस सरकार आने के बाद सभी मांगे माने जाने का आश्वासन दिया है। एनएचएम कर्मचारियों ने बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल के ओपीडी गेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।

एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित है। एनएचएम के अंतर्गत एंबुलेंस पर तैनात 25 चालक हड़ताल में शामिल हैं। एंबुलेंस सेवाओं को चालू रखने के लिए हरियाणा विकास कौशल निगम से पांच चालक को तैनात किया गया है, लेकिन यह जिला नागरिक अस्पताल से ही एंबुलेंस का संचालन कर रहे हैं। फील्ड में एंबुलेंस के पहिये पूरी तरह से जाम हैं। अगर जिले में कहीं भी कोई हादसा होता है या किसी को एंबुलेंस की जरूरत होती है तो जिला नागरिक अस्पताल से एंबुलेंस भेजनी पड़ती है। ऐसे में एंबुलेंस को घटनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटा से भी अधिक वक्त लग रहा है।
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वर्जन-



सरकार का रुख उनके प्रति सही नहीं - मलिक



एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि सरकार का उनके प्रति रुख सही नहीं है। सरकार को उनकी मांगे माननी चाहिए। इसलिए हड़ताल का अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। उनकी हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है। इसकी जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। इसलिए उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए।
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