पंचकूला। चेक बाउंस मामले में जिला अदालत ने एक युवक को दोषी करार देकर उसे दो साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा चेक की रकम डेढ़ गुना कीमत के साथ लौटाने का आदेश दिया है। दोषी की पहचान नरेश कुमार निवासी करनाल के रूप में हुई है। वीएलसीसी शटरिंग हाउस कंपनी के मालिक प्रदीप कुमार कौशल ने नरेश कुमार के खिलाफ जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था। प्रदीप कुमार कौशल ने जिला अदालत में दायर की शिकायत में बताया था कि उसके नरेश कुमार और कुलदीप कुमार के साथ व्यापारिक संबंध थे। दोनों अलग-अलग फर्म के नाम से चंडीगढ़ और हरियाणा में व्यापार करते हैं। उसने डिमांड मिलने पर नरेश कुमार और कुलदीप सिंह को बिल सहित शटरिंग मटेरियल भेजा था। उसका उनके साथ दो लाख रुपये के चेक के साथ एग्रीमेंट हुआ था। दोनों ने दावा किया था कि वह जल्द ही सभी बिलों का भुगतान कर देंगे। नरेश कुमार ने 15 जुलाई 2016 को उसे पंद्रह लाख रुपये का चेक दिया था। जब शिकायतकर्ता ने चेक को बैंक में लगाया तो फंड्स की कमी के चलते बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने दोषी को लीगल नोटिस भेजने के बाद जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।