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Panchkula News: लूट के इरादे से युवक की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

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मोहाली। चंडीगढ़ से सटे मोहाली के कस्बा नयागांव में बीते शुक्रवार को लूट के इरादे से की गई हत्या के मामले को पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय आकाश उर्फ पचीसिया निवासी गांव भवीशिया मूल निवासी शामली, यूपी व 18 वर्षीय कर्ण सिंह, सफेदा कॉलोनी नयागांव के रूप में हुई है। दोनों नयागांव की सफेदा कॉलोनी में रह रहे थे। आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम देते समय आशीष कुमार नाम के शख्स की छाती में चाकू मारकर हत्या कर दी थी। दोनों के खिलाफ नयागांव थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। डीएसपी सिटी-1 मोहित अग्रवाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड की मांग की गई थी। अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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लूट के इरादे से किया कत्ल

19 वर्षीय आशीष कुमार मूल रूप से शिवनगर टू-टू शिमला का रहने वाला था। वह 10 दिन पहले ही काम की तलाश में मोहाली आया था। उसे नयागांव में गुरिंदर सिंह प्रॉपर्टी डीलर के पास ऑफिस ब्वॉय की नौकरी मिली थी। 29 मार्च को वह पेशे से टैक्सी ड्राइवर अपने दोस्त कार्तिक के साथ घूम रहा था। रात करीब साढ़े 10 बजे दोनों पैदल टहल रहे थे कि इसी दौरान दोनों आरोपी आकाश पचीसिया और कर्ण वहां आ गए। उन्होंने आशीष का फोन छीनने का प्रयास किया तो आशीष ने विरोध करते हुए अपना फोन जेब में डाल लिया। जिस पर उन्होंने आशीष की छाती पर चाकू से दो वार किए और वह जमीन पर गिर गया। आशीष पर हमला होता देख उसका दोस्त कार्तिक उसे वहीं छोड़कर मौके से भाग गया और अपनी टैक्सी के पास पहुंचा। उसने आशीष से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद पुलिस को नयागांव की सड़क पर आशीष का शव बरामद हुआ। पहले पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पर हत्या का मामला दर्ज किया था।

बाजू पर बने टैटू से नाम की हुई मृतक की पहचान

डीएसपी मोहित अग्रवाल ने बताया कि हत्या का मामला बिल्कुल ब्लाइंड था। बाजू पर आशीष नाम का टैटू बना था, जिससे आंका गया कि मृतक का नाम आशीष है। पुलिस ने उसका शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया। वहीं 29 मार्च को आशीष कुमार की मां हेमलता ने आशीष को फोन किया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पाया। उसने आशीष कुमार के मालिक गुरिंदर सिंह को फोन किया, जिसने बताया कि 29 मार्च को शाम करीब 7 बजे दफ्तर के बाहर से उसका दोस्त कार्तिक भार्गव उसे साथ ले गया था। जब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया तो पुलिस ने बताया कि एक शव उन्हें सड़क पर मिला है, जिसके हाथ पर आशीष नाम का टैटू है तो परिवार को पता चला कि उसकी हत्या हो चुकी है।
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जिस मोबाइल के लिए हत्या की उसे साथ नहीं ले गए हत्यारे

डीएसपी ने बताया कि दोनों ने जब आशीष की हत्या कर दी तो वह उसका मोबाइल मौके पर ही छोड़ गए। उसे वह अपने साथ नहीं लेकर गए क्योंकि दोनों को पता था कि आशीष का फोन पुलिस ट्रेस कर लेगी। जब पुलिस को आशीष के शव के पास उसका मोबाइल मिला तो उस पर उसके दोस्त कार्तिक के फोन आए हुए थे। जब उससे संपर्क किया तो उसने बताया कि वह मौके का चश्मदीद गवाह है। पुलिस ने उससे संपर्क किया तो कार्तिक ने सारी बात बताई।
पुलिस ने जब मौके की सीसीटीवी की फुटेज खंगाली तो उसमें नयागांव के दो संदिग्ध युवक भागते नजर आए। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो उसमें आकाश उर्फ पचीसिया भागते हुए दिखाई दिया। जब उसका रिकार्ड खंगाला तो सामने आया कि आकाश पचीसिया के खिलाफ नयागांव थाने में पहले भी लड़ाई झगड़े का मामला दर्ज है। दूसरी तरफ कार्तिक ने भी पुलिस को बताया कि जब आशीष से हत्यारे गुत्थम गुत्थी हो रहे थे तो एक ने अपने दोस्त को बोला था कि पचीसिया इसे पकड़ लो। बाद में पुलिस का शक सही निकला जिसके बाद ट्रैप लगाकर पचीसिया को गिरफ्तार किया गया और फिर उसके साथी कर्ण को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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