संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। फर्जी मैसेज हेडर से संदेश भेजकर एचडीएफसी बैंक के नाम से ठगी करने और एनसीआरबी की फर्जी साइट बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने पर स्टेट साइबर थाना पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी हिसार निवासी छात्र है, जो एमएससी आईटी में पीएचडी कर रहा है, जबकि दूसरा नारायणगढ़ निवासी जगदीप है। पुलिस ने दोनों के खातों में रखे 25 लाख रुपये सीज कर दिए हैं। एसपी साइबर अमित दहिया ने बताया कि पैसे कमाने के लालच में युवा लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। हिसार निवासी आरोपी को पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर ले लिया है। रिमांड के दौरान मोबाइल की जांच कर उसके दूसरे साथी को गिरफ्तार किया जाएगा।
एचडीएफसी बैंक के अधिकारी ने दी थी शिकायत
एसपी साइबर अमित दहिया ने बताया कि एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के संज्ञान में आया था कि बैंक के नाम फर्जी मैसेज हेडर बनाकर लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है। इसमें पैन कार्ड अपडेट करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर अकाउंट बंद करने की चेतावनी दी जाती थी। आरोपी मैसेज में एक लिंक भी भेजते थे। अधिकारी ने तुरंत मामले की शिकायत एमडीसी स्थित साइबर थाने में दी। आरोपी पीएचडी कर रहा है। उसने फर्जी कंपनी के नाम पर एचडीएफसी बैंक का फर्जी मैसेज हेडर बना लिया। उस हेडर से बैंक के हजारों कस्टमर को पैन कार्ड के लिए लिंक भेजता था। इसके अलावा आरोपी फर्जी तौर पर निजी कंपनी, एजेंसी या लोगों के सोशल साइट्स पर फॉलोअर्स को बढ़ाने के एवज में कमिशन मिलता था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए महाराष्ट्र पुलिस हरियाणा आई थी, लेकिन आरोपी उनके हाथ नहीं लगा था।
एनसीआरबी की फर्जी साइट बनाकर किया ब्लैकमेल
एनसीआरबी की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी जगदीप को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के बैंक अकाउंट फ्रीज करवाया है। इसमें 21 लाख रुपये हैं। इस मामले में इससे पहले पुलिस ने ओम नारायण रीवा मध्यप्रदेश और वेब डिजाइनर निखिल राठौर नारायणगढ़ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एसपी ने बताया तीनों आरोपी देश के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करते थे। गृह मंत्रालय की ओर से 19 अक्टूबर 2023 को फर्जी एनसीआरबी की वेबसाइट बनाने की सूचना आई थी। इस फर्जीवाड़े में नारायणगढ़ का निखिल राठौर मास्टमाइंड है। आरोपी निखिल राठौर और रीवा के ओमनारायण ने मिलकर साइबर फ्रॉड करने की योजना सोशल मीडिया पर बनाई थी। वेब डिजाइनर निखिल ने एनसीआरबी का फर्जी वेबसाइट बनाकर उसका लिंक तैयार किया। इस मामले निखिल ने अपने जानकार जगदीप को भी शामिल किया ताकि उसका बैंक खाता साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
फोन कर लेते थे हैक
एसपी ने बताया कि आरोपी अलग-अलग लोगों को फर्जी एनसीआरबी की ईमेल से लोगों को ईमेल कर ऑनलाइन पोर्न वीडियो देखने के मामले में कार्रवाई करने का मैसेज भेजते थे। इसके बाद लोगों का कंप्यूटर और मोबाइल हैक कर लेतेे थे। साइरन की आवाज जोर-जोर का बजने लगता था। मैसेज में पोर्न वीडियो देखने के एवज में 34 हजार रुपये जुर्माना भरने को कहा जाता था। फर्जी एनसीआरबी की वेबसाइट खुलती थी। इसमें बांई ओर ऑनलाइन पेमेंट का फोर मेट दिया जाता था। लोगों द्वारा डरकर उसमें अपने कार्ड की डिटेल भरकर जैसे ही पेमेंट करते थे लोग साइबर ठगी के शिकार होते थे।