चंडीगढ़। पंजाब में हजारों करोड़ रुपये के ड्रग कारोबार मामले में विवादित सीलबंद रिपोर्ट खुलेगी या नहीं इस पर सभी पक्षों को सुनने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
हाईकोर्ट ने एक दशक पहले पंजाब में नशे के हजारों करोड़ रुपये के कारोबार को लेकर संज्ञान लिया था और सुनवाई आरंभ की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने नशे को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स की निगरानी भी आरंभ की थी। हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया गया था कि पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंप दी थी। इनमें से एक ऐसी भी थी जिस पर एसआईटी के बाकी सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। केवल एसआईटी मुखिया के हस्ताक्षर के साथ इसे सौंपा गया था।
हाईकोर्ट ने बाकी सभी रिपोर्ट खोल कर पंजाब सरकार को कार्रवाई का आदेश दिया था लेकिन इस रिपोर्ट को खोलने पर डीजीपी दिनकर गुप्ता और सुरेश अरोड़ा ने आपत्ति दर्ज की थी। इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अब हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है कि यह रिपोर्ट खोली जाएगी या नहीं। इस याचिका पर मुख्य आपत्ति यह है कि एसआईटी में तीन सदस्य हैं और केवल एक सदस्य के हस्ताक्षर के साथ एसआईटी की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।