चंडीगढ़। जालंधर के फिल्लौर में मौजूद राष्ट्रीय महत्व की धरोहर महाराजा रणजीत सिंह के किले को आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोलने पर दाखिल जनहित याचिका पर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पंजाब पुलिस यदि सुरक्षा जांच के उचित इंतजाम कर ले तो इसे आम लोगों व पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। केंद्र सरकार के इस हलफनामे को पंजाब सरकार को सौंपते हुए हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है। याचिका दाखिल करते हुए दिलबाग सिंह ने एडवोकेट जोगिंदर शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि जालंधर के फिल्लौर में महाराजा रणजीत सिंह का किला मौजूद है। इस किले को पंजाब सरकार केंद्र से अनुबंध के तहत पंजाब पुलिस अकादमी के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। याची ने बताया कि यह इमारत 2010 में राष्ट्रीय महत्व की घोषित की गई थी, बावजूद इसके अकादमी को यहां चलाया जा रहा है। इस किले के भीतर ही पीर अब्दुल्ला की मजार भी है। इस मजार को लोगों के लिए केवल वीरवार को खोला जाता है। याची ने इस बारे में केंद्र को पत्र लिखा था। बावजूद इसके अभी तक इसे आम लोगों और पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है।
याचिका पर एएसआई ने बताया कि उन्होंने पंजाब पुलिस अकादमी को पत्र लिखकर कहा था कि इस इमारत के कुछ हिस्से को पूरी तरह से पर्यटकों के लिए खोलना चाहिए। इसके लिए सुरक्षा के उचित बंदोबस्त हों तो एएसआई समझौते में संशोधन कर सकती है। एएसआई के इस उत्तर के बाद हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार को किले को आम लोगों व पर्यटकों के लिए खोलने पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।