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चेयरमैन साहब आवरा पशुओं और स्ट्रे डाग्स से दिलवाओ निजात

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कालका। नगर परिषद का चेयरमैन भी बना दिया और वार्ड वाइज 31 पार्षद भी चुनकर भेज दिए गए हैं.... हमने तो जनप्रतिनिधि चुनकर नगर परिषद में भेजकर अपने कर्तव्य की जिम्मेदारी निभा दी है, अब आपकी बारी है। आप अपनी जिम्मेदारी निभाओ और शहरवासियों को लावारिस पशुओं और स्ट्रे डॉग्स की समस्या से निजात दिलवाओ। यह कहना है शहर के लोगों का, जो कि इन दिनों शहर की सड़कों और गलियों में घूमते लावारिस पशुओं और स्ट्रे डॉग्स की बढ़ी संख्या से परेशान हैं। शहरवासियों के लिए लावारिस पशु और स्ट्रे डॉग्स एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इससे निजात दिलवाने के लिए वह कई बार नगर परिषद और प्रशासन से गुहार भी लगा चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लावारिस पशु और स्ट्रे डॉग्स की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए प्रशासन की ओर से अमल में लाई जा रही कछुआ चाल वाली कार्यप्रणाली से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि उन्होंने चेयरमैन और पार्षद चुनकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है अब उनका काम है कि वह अपने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करें।
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सड़कों पर महिलाओं-बच्चों को निकलना हुआ दूभर
लावारिस पशुओं के जमावड़े ने शहरवासियों का चैन छीन लिया है। शहर में मानों लावारिस पशुओं की भरमार हो गई है। सड़कों, गलियों से लेकर हाईवे ओर मेन बाजारों में लावारिस पशुओं का डेरा है। किस ओर से सांड़ दौड़ पड़े, सड़क पर कहां आपका वाहन मवेशियों से टकरा जाए और कुत्ते कब आप पर हमला कर दें कोई भरोसा नहीं। बच्चों का स्कूल जाना, महिलाओं का मंदिर या मार्केट जाना दूभर हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि शहर की सड़कों के बीचो-बीच भी आप कभी भी इन लावारिस पशुओं को घूमते देख सकते हैं।
हर जगह लगा रहता है, कुत्तों का झुंड
शहर की गली-मोहल्लों और नुक्कड़-चौराहों पर आवारा कुत्तों के झुंड कब किधर से आकर आपकी राह रोक लें, कुछ पता नहीं। आपकी जान जोखिम में डाल दें, इसका कोई ठिकाना नहीं। गांव की गलियों का भी यहीं हाल है। आलम यह है कि अभिभावक अपने बच्चों को गली में खेलने और सामान लेने के लिए भेजने से भी कतराने लगे हैं। वहीं जिम्मेदार विभागों और प्रशासन का ये हाल है कि उन्हें अपने दायित्व का ही बोध नहीं है। परिषद के पास कोई ऐसी व्यवस्था ही नहीं है जो आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाएं।
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नेता वादे करते हैं काम नहीं
भाजपा ने नगर परिषद चुनाव में कहा था कि लावारिस पशुओं से निजात दिलवाने के लिए गोशाला, नंदीशाला, डागपांड बनाएंगे। चेयरमैन सहित परिषद में पार्षदों की संख्या भी ज्यादा है, लेकिन बावजूद इसके अब काफी समय बीत जाने के बाद भी लोगों की यह समस्या जस की तस बनी हुई है। भाजपा के नेता वादों की झड़ी लगाने में तो माहिर हैं लेकिन इनको अमलीजामा पहनाने के समय दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ते। -अजय सिंगला, पूर्व प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी
विकल्प निकाल समस्या का समाधान होगा
शहर की गलियों, चौराहों, बाजारों से लेकर हाईवे पर लावारिस पशुओं और स्ट्रे डॉग्स की भरमार देखी जा सकती है। प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या का हल नहीं हुआ है, हर बार बोल दिया जाता है कि टेंडर लगाया हुआ है। हमारा प्रशासन और चेयरमैन से आग्रह है कि टेंडर लगने के बाद भी प्रोसेसिंग में समय लगता है। ऐसे में तब तक कोई और विकल्प निकालकर शहरवासियों की इस समस्या का समाधान निकाला जाए। -रंजीत उप्पल, नेता, आप
अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक
लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए उनकी सुविधा को देखते हुए हर काम किया जाएगा। नगर परिषद के हाउस की बैठक में भी इस मुद्दे को रखा जाएगा। जो टेंडर नगर-निगम पंचकूला में लगा हुआ है, उन्हीं के ठेकेदार से अगर हमारी बात बनती है तो हम उनसे काम लेने का प्रयास करेंगे, इस संबंध में बातचीत की जाएगी। सोमवार को भी इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। -कृष्ण लाल लांबा, चेयरमैन नगर परिषद, कालका
लगाया हुआ है टेंडर
नगर परिषद जनहित कार्यों को लेकर सदैव तत्पर रहता है। सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं से शहरवासियों को निजात दिलवाने के लिए टेंडर लगाया हुआ है। वहीं स्ट्रे डॉग्स को लेकर भी टेंडर प्रक्रिया प्रोसेसिंग में है। -मदनलाल, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद, कालका
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