फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भ्रष्टाचार से भर्ती पुलिस अधिकारी के समाज के साथ न्याय की हम कर सकते हैं कल्पना: हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब पुलिस सब इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा में हैकिंग से जुड़े मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि ऐसे तरीके से लोग पुलिस अधिकारी बनेंगे तो समुदाय व राज्य के साथ कितना इंसाफ करेंगे हम इसकी कल्पना कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार सार्वजनिक भर्तियों को हैकिंग से प्रभावित करने के आरोपी की जमानत याचिका पर कोई नरमी नहीं दिखाई जा सकती।
विज्ञापन

पटियाला निवासी गुरमीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। एफआईआर के अनुसार पंजाब पुलिस सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में हैकिंग को लेकर पुलिस को गुप्ता सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच की और पता चला कि हैकिंग के माध्यम से आवेदकों की परीक्षा कहीं और से ही दी जा रही थी। जांच को आगे बढ़ाते हुए इस मामले में याचिकाकर्ता को भी आरोपी बनाया गया। याची ने कहा कि इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही दलील दी कि सह आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और ऐसे में याची को भी जमानत दी जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि यह घोटाला सामने नहीं आया होता तो इतने सारे भ्रष्ट और अनैतिक लोग पैसे देकर सब इंस्पेक्टर के संवेदनशील पद पर नियुक्त हो गए होते। इस पद पर नियुक्त होकर वे किस तरह के अधिकारी बन गए होते और ऐसे अधिकारियों ने समुदायों और राज्य के साथ कितना अन्याय किया होता, इसकी अच्छी तरह से कल्पना की जा सकती है। हमें यह समझना चाहिए कि हैकिंग के कारण बेहद संवेदनशील भर्ती की प्रक्रिया पटरी से भी उतर गई। कोर्ट ने कहा कि आज की प्रौद्योगिकी को ध्यान में रख कर सार्वजनिक भर्तियों के लिए सॉफ्टवेयर बनाने की जरूरत है। इस प्रकार के साइबर ठगों की जमानत पर फैसला लेते हुए किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें