चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को फसलों के लिए एमएसपी पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से इन्कार करके किसानों को नाकाम करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने भावांतर योजना को लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए वाघा बाॅर्डर को दोबारा खोलने, साइकिल और खेल उद्योग को रियायतें देने और पंजाब को ग्रामीण विकास फंड और सर्व शिक्षा अभियान का बकाया जारी करने की भी मांग की है। बजट पर सांसद ने पंजाब के साथ की गई गलतियों को सुधारने के लिए, राजस्थान को 8 एमएएफ पानी देने के लिए मुआवजा देने तथा चंडीगढ़ को राज्य में हस्तांतरित करने को सुनिश्चित करने की भी मांग की।
हरसिमरत ने कहा कि इस बजट में केवल दो गठबंधन सहयोगी राज्यों आंध्र प्रदेश और बिहार की सेवा करने की कोशिश की गई है, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों को फंड का बड़ा हिस्सा प्राप्त हुआ है, जबकि अन्य सभी राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।
सांसद ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं और धार्मिक संकटों पर भी पक्षपात किया गया। धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों को विशेष अनुदान दिया गया, लेकिन श्री दरबार साहिब, अमृतसर, जहां दुनिया भर से दो लाख श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं को धार्मिक पर्यटन से कोई अनुदान नही दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह प्राकृतिक आपदाओं के मामले में चयन और चयन नीति लागू की गई है। हिमाचल को बाढ़ राहत मिली है, लेकिन पंजाब जो हिमाचल के बांधों को गेट खोले जाने पर बाढ़ की चपेट में आ जाता है को भुला दिया गया है।