चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक मंगलवार को किसान भवन में हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान किसान भाजपा उम्मीदवारों का शांतिपूवर्क ढंग से विरोध करना जारी रखेंगे। साथ ही विरोध के लिए ग्रामीणों को लामबंद किया जाएगा। यह भी फैसला लिया गया कि अगर पंजाब में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह या भाजपा का कोई अन्य बड़ा नेता आएगा तो उसका जिला स्तर पर काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। बैठक में हरिंदर सिंह लक्खोवाल, मंजीत सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल और फुरमान सिंह संधू ने भी हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए लखोवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कॉरपोरेट समर्थक और किसान-मजदूर विरोधी विरोधी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली इस सरकार ने बचे हुए लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की है और आगे भी इसकी मंशा संविधान में बदलाव कर लोकतंत्र को खत्म करने की है, इसीलिए संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा को हराओ, कॉरपोरेट भगाओ, देश बचाओ का नारा दिया है। इसी नारे के तहत संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब की ओर से 21 मई को जगरांव में रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पंजाब के कोने-कोने से किसान और महिलाएं हिस्सा लेंगी। पंजाब में भाजपा उम्मीदवारों द्वारा जाति कार्ड खेला जा रहा है, जिसकी वह निंदा करते हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब के लोगों की जाति या धर्म के आधार पर लड़ाई को सफल नहीं होने देगा। महारैली के आयोजन के लिए सात सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया गया। महारैली की तैयारियों की उचित ढंग से योजना बनाने के लिए आयोजन समिति की बैठक 11 मई को जगरांव की अनाज मंडी में सुबह 11 बजे मार्केट कमेटी के कार्यालय में होगी। मोर्चे की तरफ से उम्मीदवारों से पूछने के लिए एक सवालों की सूची भी जारी की गई। फरीदकोट में हंस राज हंस, पटियाला में परनीत कौर, अमृतसर में तरणजीत संधू और गुरदासपुर से दिनेश बब्बू को किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। मोर्चे ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि मंडियों में कमियों को दूर किया जाए, लिफ्टिंग तुरंत की जाए, साथ ही बीजों की तुरंत व्यवस्था की जाए, नहीं तो पंजाब सरकार को संयुक्त किसान मोर्चा के विरोध का सामना करना पड़ेगा।