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विजिलेंस ने एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथो किया गिरफ्तार

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पंचकूला। विजिलेंस की टीम ने सेक्टर-5 थाने में तैनात एएसआई विक्रम सिंह को 17 हजार रुपये रिश्वत लेते शुक्रवार शाम को रंगे हाथों पकड़ा है। विजिलेंस ने सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि एएसआई पहले 43 हजार रुपये रिश्वत ले चुका है। विजिलेंस थाने में एएसआई के खिलाफ डेराबस्सी निवासी ने शिकायत दिया था।
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आरोपी एएसआई विक्रम सिंह सेक्टर-5 थाने में तैनात है। उसने डेराबस्सी स्थित हरिपुर गांव के जसबीर सिंह से रिश्वत देने का दबाव बनाकर सेक्टर-5 बुलाया था। विजिलेंस को दी शिकायत में जसबीर सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी को किडनी की बीमारी थी। उन्होंने अपने एक जानकार अनिल भल्ला से 50 हजार रुपये इलाज के लिए मांगे थे। अनिल भल्ला ने उन्हें 45 लाख रुपये का चेक दिया जो कि दीपक कुमार का था। भल्ला ने कहा कि एकाउंट में चेक लगाने के बाद 50 हजार रुपये खुद रख लेना और बाकी रुपये लौटा देना। उसने अपने एक्सिस बैंक में चेक लगाया जो कि बाउंस हो गया और वह चेक बाद में अनिल भल्ला को लौटा दिया।
इसके बाद चेक बैंक में लगाने पर दीपक कुमार ने पुलिस में शिकायत दी। चेक बाउंस होने की शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-5 थाने में एसीपी और एसएचओ ने बुलाकर उसके बयान दर्ज किए। इसके बाद एएसआई विक्रम सिंह ने अदालत में ले जाकर उसके बयान करवाए। वापसी में एएसआई विक्रम सिंह ने जसबीर सिंह से एक लाख रिश्वत की मांग की। रिश्वत नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जसबीर ने उसके पास एक लाख रुपये नहीं होने की बात की।
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एक नवंबर को 43 हजार रुपये लिए
1 नवंबर को जसबीर पर दबाव बनाकर एएसआई विक्रम सिंह ने 43 हजार रुपये रिश्वत लिए थे। उसके बाद 4 नवंबर को 20 हजार रुपये और देने का दबाव बनाया, लेकिन जसबीर ने 17 हजार रुपये ही उसके पास होने की बात बताई। इस पर एएसआई विक्रम ने उसे 17 हजार रुपये लेकर सेक्टर-5 में आने को कहा। उधर जसबीर ने मामले की लिखित शिकायत पहले ही विजिलेंस थाने में दे दी थी। रिश्वत देने के समय विजिलेंस की टीम सेक्टर-5 में तैनात थी। पैसा देते ही तुरंत उसी समय एएसआई विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर उसका सेक्टर-6 सामान्य अस्पताल में मेडिकल करवाकर गिरफ्तार कर लिया।
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