संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। सेक्टर-6 के जिमखाना क्लब में आरडब्ल्यूए और विभिन्न संगठनों की बैठक में वीरवार को बाेलने और बैठने के मामले में हंगामा हो गया। कई संगठनों के पदाधिकारी काफी देर तक खड़े रहे, लेकिन उनको बोलने का मौका ही नहीं दिया। बैठक खत्म होने के बाद ईओ को अपने क्षेत्र की समस्याएं बताईं। इस दौरान मंच पर एचएसवीपी के अधिकारियों के साथ संगठनों के पदाधिकारियों के बैठने पर भी लोगों ने विरोध जताया। लोगों का कहना था कि एचएसवीपी के अधिकारी समस्याएं सुन रहे हैं तो संगठनों के लोग मंच पर उनके साथ क्यों बैठे हैं। हंगामे के दौरान एन्हांसमेंट, अतिक्रमण और घग्गर पार के अलावा अन्य मुद्दाें पर चर्चा हुई।
हरियाणा आउटरीच कार्यक्रम के तहत एचएसवीपी ने सेक्टर-6 के जिमखाना क्लब में शहर की आरडब्ल्यूए और विभिन्न संगठनों की बैठक बुलाई थी। बैठक में सेक्टर-28 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह बल्हारा को बोलने नहीं देने पर हंगामा हो गया। वे बोलने के लिए करीब 15 मिनट तक खड़े रहे। इस पर अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने एतराज जताया और उनकी बात सुनने के लिए एचएसवीपी के ईओ पर दबाव बनाया। हंगामा होने पर बैठक को खत्म कर दिया गया। बैठक खत्म होने के बाद मोहिंदर सिंह बल्हारा ने ईओ के सामने अपनी बात रखी। बैठक में विभिन्न सेक्टरों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं से ईओ को अवगत कराया। इसमें मुख्य मुद्दा एन्हांसमेंट और अतिक्रमण का रहा। वीरवार शाम को 4.45 बजे एचएसवीपी की बैठक शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता एचएसवीपी के ईओ मानव मलिक ने की। मंच पर उनके अलावा कुछ संगठनों के पदाधिकारी भी बैठे थे। सबसे पहले फोरा संगठन के सदस्य भारत हितैषी ने शहर में जगह-जगह बनी झुग्गियों का मामला उठाया। इसके अलावा घरों के साथ बनाई गई ग्रीन बेल्ट को तोड़ने को गलत बताया। शहर में जगह-जगह सीवरेज धंसने का मामला भी उन्होंने उठाया। सेक्टर-8 से एचएसी गेरा ने कहा कि लावारिस पशुओं की शहर में बहुत भारी समस्या है। रोज हादसे हो रहे हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ठप होने की भी उन्होंने बात कही।
पदाधिकारियों को मंच पर क्यों बैठाया जा रहा है
मंच पर एचएसवीपी के ईओ के साथ अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी बैठे थे। यह बात सामने बैठे संगठनों के सदस्यों को नागवार गुजरी। उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि अगर समस्याएं एचएसवीपी सुन रही है तो मंच पर केवल अधिकारी ही होने चाहिए। संगठनों के पदाधिकारियों को ऊपर क्यों बैठाया जा रहा है। इस पर ईओ मानव मलिक ने कहा कि भविष्य में इस बात का ध्यान रखा जाएगा। सेक्टर-25 निवासी बीआर महता ने कहा कि घग्गर पार के सेक्टरों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वहां का अपेक्षित विकास नहीं किया जा रहा। वहां बने दो डंपिंग ग्राउंड के कारण लोगों को न साफ हवा मिल रही है न ही साफ पानी। उन्होंने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों का भी विरोध किया।
एमडीसी में गंदे नाले का मुद्दा उठाया
एमडीसी के दुकानदारों ने कहा कि सेक्टर से गुजरने वाला गंदा नाला बहुत बड़ी समस्या है। उनकी जिम्मेवारी न एचएसवीपी लेता है और न ही एमसी। उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण ग्राहक दुकानों पर नहीं आते हैं। कई बार दोनों ही जगह शिकायत की जा चुकी है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। सेक्टर-28 निवासी एडवोकेट नीरज रायजादा ने कहा कि एचएसवीपी लोगों से पब्लिक हेल्थ की अपेक्षा पानी के दाम पांच गुना वसूल कर रहा है। पानी सप्लाई करने का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों ही विभागों का एक समान है। इसके बावजूद एचएसवीपी लोगों से ज्यादा दाम वसूल रहा है।
कार्रवाई का कैसे पता चलेगा : प्रियंका पूनिया
सभी संगठनों ने जहां अपनी समस्याएं और जरूरतें बताई, वहीं शिक्षाविद प्रियंका पूनिया ने एचएसवीपी ईओ से सवाल किया कि इन मुद्दों पर होने वाली कार्रवाई के बारे में लोगों को कैसे पता चलेगा। हालांकि उनके इस सवाल का जवाब प्राधिकरण की ओर से नहीं दिया गया।