फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर पाया काबू, पुलिस ने हाइड्रा की मदद से कैंटरों से जले शवों को बाहर निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवाला। पंचकूला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर आमने-सामने की टक्कर के बाद लगी आग में दो कैंटरों के ड्राइवर जिंदा जल गए। रविवार देर रात गांव गोलपुरा के नजदीक हुए हादसे की सूचना अन्य वाहन चालकों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और मौली पुलिस मौके पर पहुंची। तुरंत अलीपुर औद्योगिक क्षेत्र के दमकल विभाग को मामले की जानकारी दी गई। दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। जिंदा जलने वालों में एक कैंटर का चालक यमुनानगर जबकि दूसरा सहारनपुर का था।
मौली पुलिस चौकी इंचार्ज सिंहराज के अनुसार रविवार रात करीब 12:30 बजे एक कैंटर पंचकूला की तरफ से जा रहा था। दूसरा कैंटर शहजादपुर की तरफ से आ रहा था। दोनों कैंटर गोलपुरा गांव के नजदीक एनएचएआई के वन-वे मार्ग पर टकरा गए। देखते ही देखते दोनों वाहनों में आग लग गई। दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल होने के कारण सुरक्षित बाहर नहीं निकल सके। सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने इस घटना की सूचना तुरंत डायल 112 और मौली पुलिस चौकी को दी। आग बुझाने तक काफी देर हो चुकी थी। तब तक दोनों कैंटर चालकों की जलने से मौत हो चुकी थी। कैंटर चालकों में एक की पहचान मोहम्मद सादिक 22 वर्षीय उत्तर-प्रदेश सहारनपुर निवासी और दूसरे की पहचान रमजान अली 50 वर्षीय यमुनानगर निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि हाइड्रा की मदद से दोनों कैंटरों को सड़क मार्ग से हटाकर चालकों के जले शवों को बाहर निकाला गया। परिजनों के शिनाख्त के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया है।
आखिरकार घटना किस वजह से हुई है। वही
गांव गोलपुरा के सरपंच प्रतिनिधि संदीप कुमार, ब्लॉक समिति अध्यक्ष सतबीर राणा, करण नंबरदार मौली, दिलबाग सिंह बहबलपुर, राकेश नंबरदार, मिथुन राणा मौली, प्रदीप राणा बागवाली का कहना है कि यहां पर यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी यहां कई बड़े हादसे हो चुके हैं। इसमें कई वाहन चालक अपनी जान और अपने अंग गंवा चुके हैं। लोग लिखित शिकायत एनएचएआई के अधिकारियों को दे चुके हैं।अधिकारियों की तरफ से केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। हाईवे पर मार्ग को वन-वे क्यों किया गया है, यह समझ से परे है। अमर उजाला ने भी इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर एनएचएआई ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो रोष प्रदर्शन कर विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस मार्ग को दूसरी साइड का पुल डैमेज होने के कारण बंद करना पड़ा था। आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं हो पाया था, लेकिन अब टेंडर हो चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा करवाकर मार्ग के दोनों लेन शुरू करवा दिए जाएंगे। - गगन चिकारा, इंजीनियर, एनएचएआई