संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला रेल मार्ग पर सात माह बाद एक बार फिर सोमवार को ट्रेन सेट (सेल्फ प्रोपेल्ट हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट) का ट्रायल किया गया जोकि असफल रहा। रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रेनसेट को ट्रायल के दौरान धर्मपुर तक जाना था लेकिन टक्साल के समीप ही इसका इंजन गर्म हो गया। इसके बाद इसे वापस कालका भेज दिया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेनसेट को तैयार करने वाली बंगलुरुकी टीम भी मौजूद रही। फिलहाल ट्रेनसेट को सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरिज एवं वैगन कार्यालय के सामने बने ट्रैक पर खड़ा कर दिया गया है।
फिर निराशा लगी हाथ
बता दें कि इससे पहले फरवरी माह में ट्रेन सेट के ट्रायल किए गए थे, उस दौरान इसके तीन ट्रायल किए गए थे जोकि असफल रहे थे। रेलवे के अनुसार तीन कोचों वाली इस ट्रेन में आई तकनीकी खामियों को दूर कर ट्रेन सेट के पावर बैक, गियर असेंबलिंग और पावर ट्रांसमिशन सिस्टम को मोडिफाई किया था। इसका निर्माण करने वाली टीम को लग रहा था कि इस बार ट्रायल सफल हो जाएगा लेकिन एक बार फिर उनके हाथ निराशा लगी। ट्रेन सेट में कुल तीन कोच लगे हैं जिसमें दो कोच ड्राइवर सीट वाले हैं जिनमें 19-19 पैसेंजर तथा मध्य वाले कोच में 23 सैलानी बैठ सकते हैं।
ट्रायल नंबर-1
16 फरवरी को ट्रेन सेट का पहला ट्रायल आयोजित किया गया था। इस दौरान परीक्षण टीम ने नारियल फोड़कर पूजा अर्चना के बाद सुबह करीब 10.50 बजे ट्रेन सेट को कालका से शिमला के लिए रवाना किया गया था। करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर जाकर ड्राइवर केबिन वाले कोच के एक इंजन में तकनीकी खराबी आने के चलते ट्रेन सेट आगे न जा सका था। इस कारण ट्रेन सेट को वापस कालका रेलवे स्टेशन भेज दिया गया था।
ट्रायल नंबर- 2
19 फरवरी (रविवार) को ट्रेन सेट का दूसरा ट्रायल किया गया था। इस दौरान कालका से करीब 9.40 बजे ट्रेन सेट को कोटि के लिए रवाना किया गया, लेकिन इंजन गर्म होने के चलते ट्रेन सेट को टकसाल से वापस कालका के लिए भेज दिया गया। यह लगभग 11.18 बजे कालका पहुंच गया था।
ट्रायल नंबर- 3:
23 फरवरी को कालका से करीब 9.50 बजे ट्रेन सेट को रवाना किया गया जो गुम्मन से वापस कालका के लिए भेज दिया गया था। कालका रेलवे स्टेशन से बताया गया कि ट्रेन सेट को कोटी तक जाना था लेकिन इंजन गर्म होने के चलते गुम्मन से इसे वापस कालका भेज दिया गया था।
सोमवार को धर्मपुर तक ट्रेनसेट का ट्रायल किया जाना था लेकिन टकसाल के समीप ट्रेनसेट का इंजन गर्म हो गया था, जिसके बाद उसे वापस कालका भेज दिया गया था। -मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।