चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में दिव्यांग सर्टिफिकेट प्राप्त लोगों की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाने का फैसला किया है। सामाजिक सुरक्षा विभाग ने यह फैसला लगातार मिल रहीं उन शिकायतों के आधार पर लिया है जिसमें आरोप लगाया जा रहा था कि अनेक तंदरुस्त लोगों ने भी दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाए हुए हैं, जिनकी बदौलत वह दिव्यांगों को मिलने वाली सभी सुविधाएं लेने के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में भी शामिल हो रहे हैं।
गौरतलब है कि दिव्यांग सर्टिफिकेट प्राप्त व्यक्ति को नौकरी में 2 साल की एक्सटेंशन और आयकर में छूट का लाभ भी मिलता है। विभाग की मंत्री डॉक्टर बलजीत कौर ने जाली सर्टिफिकेट के बारे में मिली शिकायतों पर उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश जारी किए हैं।
सरकार के इस फैसले का दिव्यांग वर्ग के संगठन ने स्वागत किया है। संगठन के नेता प्रिंसिपल जसपाल सिंह ने कहा कि इस संबंध में लंबे समय से जांच की मांग की जा रही थी क्योंकि तंदुरुस्त लोग भी नकली दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाकर सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं और दिव्यांगजनों का हक मार रहे हैं।
सोमवार को संगठन की बैठक में सरकार के फैसले का स्वागत करने के साथ ही यह अपील भी की गई कि जांच को जल्द से जल्द पूरा करके दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज किए जाएं।