चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आप विधायक सरवजीत कौर माणुके पर एनआरआई की कोठी कब्जाने के आरोपों को लुधियाना में 8.5 करोड़ की डकैती से बड़ी लूट करार दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन से जांच वापस लेकर सीबीआई से जांच कराई जाए। पंजाब कांग्रेस भवन में शुक्रवार को प्रताप बाजवा और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने जगरांव में कोठी की एनआरआई मालिक अमरजीत कौर और उनकी बहू कुलदीप कौर को साथ लेकर प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान बाजवा ने आरोप लगाया कि कोठी की चाबियां आप विधायक सरवजीत कौर माणुके ने करम सिंह नाम के व्यक्ति को दी हैं, जो बहुत बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब के 50 फीसदी घर अप्रवासियों की आय से चल रहे हैं और कांग्रेस विदेशों में रह रहे प्रत्येक अप्रवासी के साथ खड़ी है। बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मामले में दखल देकर एनआरआई परिवार को न्याय दिलाएं।
इस मौके पर सुखपाल खैरा, जिन्होंने सबसे पहले विधायक माणुके पर कोठी कब्जाने के आरोप लगाए थे ने कहा कि करम सिंह, जिसे आप विधायक माणुके ने कोठी की चाबी दी, वह एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी है, जो बाद में वकील बन गया। खैरा ने कहा कि करम सिंह 24 घंटे विधायक माणुके के साथ ही रहता है। खैरा ने आरोप लगाया कि आप विधायक माणुके भू-माफिया गिरोह की प्रमुख हैं। इस दौरान, प्रताप बाजवा ने भी कुछ तस्वीरें दिखाईं, जिनमें करम सिंह आप विधायक के साथ नजर आ रहा है। खैरा ने आरोप लगाया कि एनआरआई की कोठी में पूरी तरह छेड़छाड़ की गई है। वहां विधायक ने अपना दफ्तर बनाया था।
माणुके मुझ पर लगाए आरोप साबित करेंः खैरा
आप विधायक सरवजीत कौर माणुके द्वारा वीरवार को सुखपाल खैरा पर चंडीगढ़ सेक्टर 5 में कोठी कब्जाने के लगाए गए आरोपों पर, खैरा ने कहा है कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विधायक माणुके उन पर लगाए आरोपों को साबित करें। खैरा ने कहा- ‘मैं आप विधायक द्वारा मुझ पर लगाए आरोपों की किसी भी जांच का सामना करने और उन्हें चुनौती देने के लिए तैयार हूं। अगर वह ईमानदार हैं, तो उन्हें मेरी चुनौती स्वीकार करनी चाहिए और जमीन हड़पने के मामले में सीबीआई जांच का सामना करना चाहिए।’