चंडीगढ़। पंजाब में कचरा प्रबंधन पर चेक रखने के लिए स्थानीय निकाय विभाग ने नौ टीमें गठित की हैं, जो सभी शहरों में जाकर नगर निकायों की तरफ से किए जाने वाले कचरा प्रबंधन को चेक करेंगी और अपनी रिपोर्ट सबमिट करेंगी। कचरे के निपटारे व सीवरेज प्रबंधन करने में सभी नगर निकाय असफल रहे हैं, जिसके चलते ही स्थानीय निकाय विभाग ने यह फैसला लिया है। हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसे लेकर पंजाब सरकार पर 1026 करोड़ रुपये का हर्जाना भी लगाया था। यही कारण है कि अब कचरे के प्रबंधन के लिए विभाग ने बड़े स्तर पर काम शुरू किया था और खुद ही इस पूरी प्रक्रिया को मॉनिटर करने का फैसला लिया है।
पंजाब म्युनिसिपल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी की तरफ से भी कचरा प्रबंधन पर नजर रखी जा रही है। कंपनी की टीमें भी कचरे प्रबंधन को क्रॉस चेक करेंगी, ताकि इस समस्या का पूरी तरह से समाधान किया जा सके। हाल ही में कुछ नगर निकाय की चेकिंग के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट भी सबमिट की थी, जिसमें सामने यह आया था कि कई नगर निकाय 60 प्रतिशत ही कचरे का निपटारा कर रहे हैं, जबकि पुराने कचरे की तादाद पहले से बढ़ती जा रही है, जो उनके लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।
टीमें शहरों में चेकिंग करेंगी कि किस शहर में रोज कितना कचरा निकलता है और कितने कचरे की डोर टू डोर सेग्रीगेशन हो रही है। इसके अलावा कितना कचरा रोजाना प्रोसेस किया जा रहा है, उसे लेकर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। डंप साइट्स पर पड़े पुराने कचरे को भी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा। फाइनल रिपोर्ट विभाग की तरफ से सरकार को सौंपी जाएगी, ताकि उसके मुताबिक ही उचित कदम उठाए जा सकें।
इसके अलावा जो कमियां सामने आएंगी, उसको लेकर टीमों की तरफ से अपने सुझाव भी दिए जाएंगे। जिन शहरों में यह चेकिंग की जा रही हैं, उनमें प्रमुख रूप से लुधियाना, फगवाड़ा, मोहाली, पटियाला, जालंधर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, अमृतसर, बटाला, बठिंडा, गुरदासपुर, अबोहर, खन्ना, फिरोजपुर, मोगा, मलेरकोटला, खरड़, रूपनगर, नवांशहर, राजपुरा समेत अन्य शहर शामिल हैं।
पिछले महीने ही एनजीटी ने 1026 करोड़ हर्जाना लगा मुख्य सचिव एक महीने के अंदर इसे जमा करवाने के निर्देश दिए थे। साथ ही अनुपालन रिपोर्ट जमा करवाने के भी निर्देश दिए थे।