छठी कक्षा के बच्चे को पीटने के एक मामले में जिला अदालत ने शिक्षिका को दो माह की सजा सुनाई है। जिला अदालत ने टिप्पणी कर कहा कि दोषी का कृत्य और आचरण बेहद निंदनीय है। दोषी ने बच्चे को इसलिए पीटा क्योंकि उसने स्कूल के मैदान में खेलते वक्त कार पर हाथ लगाया था।
दोषी को अगर बच्चे से कोई शिकायत थी, तो वह इसकी जानकारी स्कूल के अधिकारियों को देती। ऐसे में शिक्षिका को परिवीक्षा अवधि पर नहीं छोड़ा जा सकता। उसने एक बेबस बच्चे के साथ मारपीट की है। इसके साथ ही शिक्षिका पर पांच सौ रुपये जुर्माना भी लगाया है।
दोषी शिक्षिका कीर्ति मलिक है। महिला के खिलाफ राजकीय विद्यालय रायपुररानी स्कूल की प्रिंसिपल भारती वर्मा ने बच्चे के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए थे। अदालत में करीब डेढ़ साल से ज्यादा वक्त तक चली सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानकर सजा सुनाई है। रायपुररानी पुलिस ने महिला शिक्षिका के खिलाफ 30 दिसंबर 2021 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
यह है मामला...
एफआईआर के मुताबिक राजकीय विद्यालय रायपुररानी स्कूल की प्रिंसिपल भारती वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 30 दिसंबर 2021 को वह डाइट पंचकूला निष्ठा ट्रेनिंग में भाग ले रही थी। इस दौरान उनके पास विद्यालय की शिक्षिका कृष्णा गौतम का फोन आया। जैसे ही वह स्कूल पहुंची तो उन्हें पता लगा कि गणित पढ़ाने वाली शिक्षिका कीर्ति मलिक ने कार पर हाथ लगाने की वजह से कक्षा छही के छात्र को बुरी तरह पीटा है।
बच्चे के माता पिता और स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि बच्चे को बिना किसी कारण के पीटा गया। इसके साथ ही महिला शिक्षिका ने गांव के लोगों और स्कूल के स्टाफ को भी गालियां दी। उसने जान से मारने की भी धमकी दी। उन्होंने स्कूल के स्टाफ के साथ माता-पिता को भेजकर बच्चे का मेडिकल करवाया। मेडिकल में बच्चे के तीन चोट के निशान मिले। पुलिस ने शिकायत मिलने पर शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज किया था।