पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में जुकाम, बुखार और कान्फेड की ओपीडी बढ़ने के बाद स्वाइन फ्लू का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसे लेकर जल्द ही अस्पताल में स्वाइन फ्लू का वार्ड भी बनाया जाएगा। वहीं, एडवाइजरी में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति गंभीर एहतियात बरतने को कहा है। हालांकि अभी तक पंचकूला में कोई केस नहीं आया है। अस्पताल में एमडी मेडिसिन की ओपीडी में लगातार पेशेंट बढ़ रहे हैं। इस समय बुखार, जुकाम के करीब रोजना से सौ पेशेंट बढ़ गए हैं। रोजाना जहां तीन सौ पेशेंट आते थे। ठंड बढ़ने के बाद अब चार सौ मरीज आ रहे हैं। पंचकूला सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. उमेश मोदी ने बताया कि ठंड में ही इस बीमारी के फैलने का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है। साथ ही स्वास्थ्य विभागीय अधिकारी बीमारी से निपटने को लेकर पूरे इंतजाम का दावा कर रहे हैं। हालांकि स्वाइन फ्लू को लेकर आइसोलेशन वार्ड जल्द बनाया जाएगा। हालांकि अभी तक पंचकूला में कोई केस नहीं आया है।
विभाग की ओर से बरती जा रही सावधानी
पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोसेले ने बताया कि स्वाइन फ्लू इंफ्लूएंजा वायरस से होता है। यह एक संक्रामक रोग है जो एक मरीज से दूसरे मरीज में फैलता है। ऐसे में इसको लेकर अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग की ओर से बीमारी को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है। अस्पताल में दवाओं के इंतजाम भी किए गए हैं।
यह हैं लक्षण
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू का मुख्य लक्षण बुखार के साथ बहती नाक हो सकता है। इसके साथ ही खांसी और गले में खरास, सांस लेने में दिक्कत, जोड़ों व सिर में दर्द, थकावट व सर्दी लगना, थूक के साथ खून आने पर तुरंत अस्पताल आएं। उन्होंने बताया कि अभी तक अस्पताल की ओपीडी में लगातार भीड़ बढ़ रही है। इसी को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है।
यह है बचाव
पंचकूला पीएमओ डॉ. उमेश मोदी ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए हाथ मिलाने व गले मिलने से बचें। खांसते व छींकते समय मुंह व नाक पर रूमाल रखें। हाथों को साबुन व पानी से बार-बार धोएं। पानी का अधिक सेवन करें। 101 डिग्री तक बुखार है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। लक्षण शुरू होने पर घर पर रहे अन्य लोगों से न मिलें। स्वाइन फ्लू को लेकर एडवाइजरी आ चुुकी है। इसके लिए अलग वार्ड जल्द बनाया जाएगा। साथ ही अस्पताल में नजला, खांसी के आने वाले मरीजों को गंभीरता से देखा जा रहा है।