रणदीप सुरजेवाला ने टेलीकॉम कंपनियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर टेलीकॉम कंपनियों पर मेहरबानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मोबाइल उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है और सरकार इस ओर कोई सुध नहीं ले रही है।
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यलय में प्रेसवार्ता के दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने 112 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं की सुध लेने की बजाए टेलीकॉम कंपनियों की मनमानियाें से इस वक्त मुंह फेर रखा है। जिसका नतीजा यह रहा कि देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार को फटकारना पड़ा। सुरजेवाला ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों पर करोड़ों बकाया मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह कहना कि क्या कोर्ट बंद कर दिया जाए, एक जज द्वारा ये कहना कि क्या देश छोड़ दिया जाए, देश के इतिहास में बहुत ही बड़ी और गंभीर घटना है।
सुरजेवाला ने कहा कि ये टेलीकॉम कंपनियों से वसूली संबंधी आदेश अक्तूबर 2019 में आ गया था और एक महीने में इस आदेश की पालना करनी थी। लेकिन करीब चार महीने गुजरने के बावजूद केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से न केवल टेलीकॉम कंपनियों का बकाया रूका रहा, बल्कि कुछ कंपनियों ने मोबाइल उपभोक्ता के लिए मोबाइल दरों को लगभग चालीस फीसद तक बढ़ा दिया। मोबाइल दरों में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार ने कोई हस्तक्षेप करना भी उचित नहीं समझा।
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस केंद्र सरकार से तीन सवाल पूछना चाहती है। पहला यह कि सरकार बताए कि देश में लगभग 112 करोड़ प्रीपेड सेल फोन ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाला गया। दूसरा सेल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद फोन कंपनियों द्वारा उनसे बकाया वसूली क्यों नहीं की गई और तीसरा ये देनदारियां सेल फोन कंपनियों पर कब तक रहेंगी।