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Panchkula News: पंजाब में स्कूली बसों पर सख्ती, अब तक 189 चालान किए गए

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चंडीगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुए स्कूल बस हादसे के बाद पंजाब सरकार भी अब एक्शन मोड में आ गई है। पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने प्रदेश के सभी डीसी, पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को आदेश जारी स्कूली बसों की नियमित रूप से जांच के आदेश जारी किए हैं। बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर सहित अन्य जिलों में स्कूली बसों के अनियमितताएं पाए जाने पर कुल 189 चालान किए गए। सबसे ज्यादा फिरोजपुर में 71 स्कूली बसों के चालान किए गए। प्रदेश में इस प्रकार की घटना न हो, उसे ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को सभी प्राइवेट, कॉन्वेंट और सरकारी स्कूलों में जो बसें संचालित की जा रही है, उनकी चेकिंग करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव ने प्रदेश के हर जिला अधिकारी से 30 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी है। फिरोजपुर में जिन 71 स्कूल बसों या वाहनों के चालान किए गए, वह पंजाब सरकार की सेफ स्कूल व्हीकल पॉलिसी के नियमाें का उल्लंघन करते पाए गए। इससे पहले 2 अप्रैल को 40 चालान किए गए थे। बीते दिनों पठानकोट में 29 वाहनों के चालान किए गए थे।
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इन मानकों पर होगी जांच
मुख्य सचिव ने जो आदेश जारी किए हैं, उसमें जरूरी सुरक्षा मानकों का भी हवाला दिया है। इन सुरक्षा मानकों में हर स्कूल बस के पास फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से होना चाहिए। स्कूल बस में जितनी रजिस्टर्ड सिटिंग कैपेसिटी यानी सीटें हों, उतने ही बच्चे स्कूल बस में बैठाए जाते हों यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। स्कूल बसों की स्पीड लिमिट पर नजर रखने के लिए हर बस में स्पीड गवर्नर चालू कंडीशन में होना चाहिए। स्कूली बसों के ड्राइवरों के पास अधिकृत लाइसेंस अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसके अलावा पंजाब सरकार ने सेफ स्कूल वाहन स्कीम के तहत जो भी जरूरी नियम बनाए हैं, उनका सख्ती से पालन होना चाहिए।
कानूनी कार्रवाई के दिए आदेश
पंजाब के मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी डीसी, पुलिस कमिश्नर, एसएसपी के अलावा ट्रांसपोर्ट विभाग को भी स्कूली बसों की चेकिंग कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। जिस भी स्कूल बस में खामियां पाई जाती हैं, उस पर तत्काल प्रभाव से पुलिस को कानूनी कार्रवाई के लिए कहा है। मुख्य सचिव ने कहा जो जिला अधिकारी 30 अप्रैल तक इस संदर्भ में रिपोर्ट नहीं देता है, उस पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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