संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। जिला देहाती पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए जासूसों ने रिमांड के दौरान कई तरह के खुलासे किए हैं। आरोपियों गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी फौजी और साहिल मसीह उर्फ शाली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना की गुप्त सूचनाएं मुहैया करवा रहे थे। आरोपी गुरप्रीत सिंह सेना में तैनात था, इसलिए फौज की खुफिया जानकारी आईएसआई तक पहुंचा रहा है। जांच दौरान यह भी सामने आया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इन आरोपियों ने भारतीय सेना की कई तरह की जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाई। क्योंकि आरोपी फौजी की पोस्टिंग जम्मू में थी, इसलिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आरोपी जम्मू के साथ लगती सीमा पर हर एक गतिविधियों के बारे में पाकिस्तान को बता रहे थे। इसके अलावा यह दोनों आरोपी जम्मू के अलावा गुरदासपुर, पठानकोट आदि आर्मी बेस की जानकारियां भी आईएसआई तक पहुंचाने में लगे हुए थे। इसके बदले में आरोपियों को आईएसआई की ओर से मोटी रकम अदा की जा रही थी। आईएसआई को जानकारी पहुंचाने के बाद हवाला कारोबारी आरोपियों तक पैसे पहुंचाते थे। इस मामले में आरोपी साहिल मसीह पैसों रिसीव करता था। जिसके बाद दोनों आपस में बांट लेते थे।