संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-8 निवासी 22 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को छह करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने का डर दिखाकर 10.50 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, युवक ने दी शिकायत में बताया कि उन्हें एक ऑटोमेटेड कॉल आई। उसमें कहा गया कि उनका मोबाइल नंबर दो घंटे में बंद होने वाला है। अधिक जानकारी के लिए दो नंबर का बटन दबाएं। बटन दबाने पर एक व्यक्ति ने खुद को टेलीकॉम विभाग से बताया और बातचीत शुरू की। उस व्यक्ति ने दावा किया कि शिकायतकर्ता के नाम पर दूसरा मोबाइल नंबर पंजीकृत है। इसमें फ्रॉड और उत्पीड़न की कई शिकायतें दर्ज हैं।
आरोपी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने सभी मोबाइल नंबर बंद करने का निर्देश दिया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता की मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर से बात करवाई। उसने आधार कार्ड नंबर मांगा और कहा कि उनके नाम पर छह करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हो चुकी है। इसके बाद इंस्पेक्टर ने बताया कि उनके आधार कार्ड से लिंक एक केनरा बैंक का खाता है। इसमें नरेश गोयल नामक एक व्यक्ति के घर से डेबिट कार्ड मिला है। शिकायतकर्ता को इस मामले में संदिग्ध माना जा रहा है।
फर्जी इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता से कहा कि उन्हें सीबीआई जांच का सामना करना पड़ेगा। उनसे उनके सभी बैंक खातों की जानकारी मांगी। शिकायतकर्ता ने डर के मारे अपने दोनों बैंकों के खातों की जानकारी साझा कर दी। इसके बाद सीबीआई अधिकारी बनकर कहा गया कि उन्हें अपने बैंक खाते की पूरी राशि आरबीआई को ट्रांसफर करनी होगी। अगर जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला तो 6 से 24 घंटे के भीतर रुपये वापस मिल जाएंगे। शिकायतकर्ता ने निर्देशों का पालन कर अपने बैंक खातों से कुल 1050775 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में संपर्क करने की कोशिश की तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनको धोखाधड़ी का शक हुआ। इस घटना के बाद उन्होंने अपने परिवार को सूचित किया और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।