चंडीगढ़। करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी फरीदाबाद और पलवल की जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके चालक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने व नियम-7 के तहत कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए हैं। चंडीगढ़ मुख्यालय से सीएम विंडो की निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने बताया कि जिला पलवल से सीएम विंडो पर शिकायत आई थी कि नागरिक सेवा केंद्रों के संचालकों के साथ मिलीभगत समाज कल्याण अधिकारी ने अपने ड्राइवर के माध्यम से फर्जी पेंशन बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि निदेशक, समाज कल्याण के निजी सचिव समाज कल्याण अधिकारी सुशीला को बचा रहे हैं। इस पर सीएमओ ने रिपोर्ट मांगी थी। इस मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर भी नहीं कराए गए और प्रबुद्ध नागरिक सुनील कुमार ने शिकायत को झूठा बताया था। इस पर कार्रवाई करते हुए 20 अप्रैल को सुनील को प्रबुद्ध सूचि से हटा दिया गया था। अब इस पर आगे की कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने समाज कल्याण अधिकारी सुशीला व उसके ड्राइवर के खिलाफ आदेश जारी किए हैं।