चंडीगढ़। एसजीपीसी चुनाव के लिए वोटर सूची तैयार करने प्रक्रिया को धीमा बताते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब व हिमाचल के मुख्य सचिव व चुनाव आयुक्तों तथा चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार सहित एसजीपीसी को 30 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए मिसल सतलुज वेलफेयर सोसायटी ने बताया कि एसजीपीसी चुनाव के लिए पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ में मतदाता सूची बनाने का काम चल रहा है। इसके लिए गुरुद्वारा चुनाव के मुख्य आयुक्त ने विभिन्न राज्यों के चुनाव आयुक्तों को 25 मई 2023 को पत्र लिखा था। इस पत्र के अनुरूप मतदाता सूची बनाने का काम आरंभ किया गया, लेकिन यह प्रक्रिया इतनी धीमी थी कि तय तिथि के बाद भी इस काम को पूरा नहीं किया जा सका। पंजाब सरकार ने पंजीकरण के लिए तिथि को 15 नवंबर से बढ़ा कर फरवरी 2024 कर दिया।
याची ने बताया कि मतदाता सूची तैयार करने में देरी का मुख्य कारण पुरानी प्रणाली का इस्तेमाल है। इसमें तेजी लाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण का विकल्प अपनाना सबसे बेहतर रहेगा। दूसरा बड़ा कारण यह है कि हर जगह मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए अलग-अलग व्यवस्था अपनाई जा रही है, जबकि सभी स्थानों पर एक जैसी प्रक्रिया को अपना कर इसमें तेजी लाई जा सकती है।
हर बार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट तैयार की जाती है जबकि होना यह चाहिए कि इलेक्टोरल रोल तैयार किया जाना चाहिए और चुनाव से पहले इसे अपडेट कर लिया जाए। यदि यह प्रक्रिया अपनाई जाती है तो चुनाव से पहले वोटर सूची तैयार करने में अनावश्यक देरी से बचा जा सकता है। हाईकोर्ट ने याचिका पर मुख्य गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त, पंजाब व हिमाचल के मुख्य सचिव व चुनाव आयुक्तों सहित चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार व एसजीपीसी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।