मोरनी। मोरनी बस तहसील समस्याओं का कारण बना हुआ है। कभी अधिकारी नहीं तो कभी बिजली नहीं। दूर दराज से आने वाले लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ता है। वीरवार को बिजली का बकाया एक लाख का बिल नहीं भरने के कारण बिजली निगम ने उपतहसील कार्यालय का कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन कटने के कारण रजिस्ट्री और अन्य काम अटक गए। परेशान लोगों ने विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का यह हाल है तो अन्य महकमों में कैसे लोगों के काम होते होंगे। यहां पर आए दिन किसी न किसी रूप में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिल नहीं भरने का कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन परेशान इसमें जनता को ही होना पड़ा है। वहीं परेशान लोगों ने उपमुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री दुष्यंत चौटाला से समाधान की मांग की है।
जनरेटर मंगवाया तो, नायब तहसीलदार नही पहुंचीं
रजिस्ट्री करवाने पहुंचे चतर सिंह, राजेंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, लेक सिंह, सुशील कुमार ने बताया कि वीरवार को वह उपतहसील कार्यालय में पहुंचे तो पता चला कि बिजली दिक्कत के चलते रजिस्ट्री संभव नहीं है। जब उन्होंने अपने खर्चे पर जनरेटर मंगवाया तो पता चला कि नायब तहसीलदार के कार्यालय में नही पहुंचने के कारण रजिस्ट्री नही हो सकती, जबकि कार्यालय में अन्य स्टॉफ हाजिर रहा।
बार-बार चेताया, पर नही भरा बिल
ऐसा नही कि बिजली निगम के अधिकारियों ने एकाएक बिजली कनेक्शन काट दिया हो। बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा कई बार राजस्व विभाग के अधिकारियों को बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी पर कोई असर नही हुआ। नतीजा रहा कि बिजली कटने से कार्यालय में आने वाली जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को बिन काम के ही बैरंग लौटना पड़ा।
नायब तहसीलदार ने भी पल्ला झाड़ा
राजस्व विभाग के अधिकारी डीआरओ रमेश कुमार से बिल नही भरने के कारणों को जानना चाहा तो उन्होंने जानकारी नही होने की बात कही। मोरनी उपतहसील का कार्यभार संभाल रहीं पूनम सोलंकी ने बताया कि एसडीएम कार्यालय में बिल रुका है, उन्होंने बिल भरने के लिए लिखा हुआ है।