पंचकूला। सेक्टर-15 के रघुनाथ मंदिर में शनिवार को महापुराण शिवपुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पहले कलश यात्रा निकाली गई। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद कथावाचक पंडित गनेशानंद मिश्रा ने कथा करते हुए बताया कि शिवपुराण केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि भगवान शिव का वांग्मय स्वरूप है। इसकी कथा का श्रवण मन, वचन और कर्म को पवित्र करता है। उन्होंने कहा कि देवराज ब्राह्मण की कथा हमें जीवन में संयम और सेवा का मार्ग दिखाती है जबकि बिंदु ब्राह्मण का चरित्र शिवभक्ति की पराकाष्ठा का उदाहरण है।